छत्तीसगढ़ के चर्चित कोयला घोटाले में फंसे बड़े नामों को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है, लेकिन साथ ही एक कड़ा निर्देश भी जारी हुआ है। रानू साहू, सौम्या चौरसिया, समीर विश्नोई और सूर्यकांत तिवारी को कोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी है, मगर चारों को छत्तीसगढ़ में रहने पर पाबंदी लगा दी गई है।
क्या है मामला?
छत्तीसगढ़ में कोयले के अवैध परिवहन और लेनदेन को लेकर एक बड़ा घोटाला सामने आया था। इस मामले में ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की जांच के बाद इन चारों अधिकारियों और कारोबारियों को गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि इन्होंने कोयला माफियाओं के साथ मिलीभगत कर करोड़ों रुपए की हेराफेरी की थी।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश क्या कहता है?
देश की सर्वोच्च अदालत ने इन चारों को अंतरिम राहत देते हुए कहा है कि वे छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा में प्रवेश नहीं करेंगे। साथ ही उन्हें जांच में सहयोग करने और कोर्ट की अगली सुनवाई में उपस्थित रहने के निर्देश भी दिए गए हैं।
क्यों लगाया गया राज्य में बैन?
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियों ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि आरोपियों के छत्तीसगढ़ में रहने से गवाहों को प्रभावित करने और सबूतों के साथ छेड़छाड़ की आशंका बनी रहेगी। इसी आधार पर कोर्ट ने यह सख्तशर्त रखी है।
