छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। सबसे बड़ा निर्णय कर्मचारियों और शिक्षकों के तबादलों पर लगी रोक को हटाने का रहा। अब 5 जून से 25 जून 2025 तक तबादले किए जाएंगे, जिसके बाद फिर से प्रतिबंध लागू हो जाएगा। यह कदम प्रशासनिक सुचारुता और कर्मचारी हितों को ध्यान में रखकर उठाया गया है।बलौदाबाजार का नया नाम:
कैबिनेट ने बलौदाबाजार जिले के दामाखेड़ा का नाम बदलकर कबीर धर्म नगर दामाखेड़ा करने का फैसला किया। यह निर्णय क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को बढ़ावा देने के लिए लिया गया।शिक्षा क्षेत्र में सुधार:
शिक्षा विभाग में युक्तियुक्तकरण के तहत 16 जिलों में शिक्षकों की काउंसलिंग पूरी हो चुकी है। 4500 से अधिक अतिशेष शिक्षकों को नई तैनाती दी गई है, जिससे स्कूलों में शिक्षक-छात्र अनुपात बेहतर होगा।कृषि और मानसून की तैयारी:
खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए, कैबिनेट ने किसानों के लिए खाद, बीज और सिंचाई सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मानसून की चुनौतियों से निपटने के लिए भी योजनाएं बनाई गईं।नवा रायपुर में निवेश को बढ़ावा:
नवा रायपुर में निवेश और रोजगार को बढ़ाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, शिक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों के लिए रियायती दरों पर भूखंड आबंटन का निर्णय लिया गया। यह कदम राज्य में औद्योगिक विकास को गति देगा।
