पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में धार्मिक विवाद ने उग्र रूप ले लिया, जब एक दुकान हटाकर वहां तुलसी मंच बनाकर ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए गए। इस घटना के बाद क्षेत्र में हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ की खबरें सामने आई हैं। पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए भारी सुरक्षा बल तैनात किया है।
स्थानीय मुस्लिम समुदाय का आरोप है कि यह कार्रवाई उन्हें उकसाने के मकसद से की गई थी, जिससे क्षेत्र में तनाव फैल गया। वहीं, हिंदू समुदाय ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि मंदिर पर हमला हुआ और कई दुकानों को लूटा गया। उनका कहना है कि वे केवल धार्मिक स्थल की मरम्मत कर रहे थे, और उन्हें बेवजह निशाना बनाया जा रहा है।
इस टकराव के बाद इलाके में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है और धारा 144 लागू कर दी गई है। राज्य सरकार ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। राजनीतिक दलों के बीच भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। भाजपा ने इसे हिंदू विरोधी कार्रवाई बताया, जबकि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने शांति बनाए रखने की अपील की।
यह घटना राज्य में साम्प्रदायिक सौहार्द्र पर एक बार फिर सवाल खड़े करती है, जहां धार्मिक पहचान को लेकर संवेदनशीलता अक्सर हिंसा का रूप ले लेती है। अब सबकी निगाहें प्रशासन और जांच एजेंसियों पर हैं कि वे इस विवाद का निष्पक्ष समाधान निकाल पाते हैं या नहीं।
