बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले NDA के अंदर सीट बंटवारे को लेकर सियासी भूचाल आ गया है। ओम प्रकाश राजभर की पार्टी सुभासपा (सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी) को गठबंधन में एक भी सीट न मिलने से नाराज होकर उन्होंने बिहार में अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है।
राजभर ने कहा कि जब उपचुनावों में NDA को मदद की जरूरत थी, तब वे उनसे सीटों के लिए गिड़गिड़ा रहे थे, लेकिन अब विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी को नजरअंदाज कर दिया गया। NDA की सीट शेयरिंग में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को 101 सीटें, जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) को 101 सीटें, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) (LJP-R) को 29 सीटें और अन्य सहयोगियों को 6-6 सीटें दी गईं, लेकिन सुभासपा को एक भी सीट नहीं मिली।
सीट बंटवारे को लेकर कई दौर की बातचीत के बाद भी जब बात नहीं बनी तो ओपी राजभर ने बागी रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अगर NDA उन्हें साथ रखना चाहता था तो 4-5 सीटें दे सकता था। अब उनकी पार्टी बिहार में 153 सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ेगी।
राजभर ने आगे कहा कि बिहार में प्रजापति, राजभर, राजवंशी जैसी जातियों की आबादी लाखों में है और वे इन समुदायों को साथ लेकर एक नया मोर्चा बनाएंगे। उनका कहना है कि वोट बैंक किसी की जागीर नहीं है और अब जनता ही फैसला करेगी।
इस घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। NDA को जहां एक सहयोगी का साथ खोना पड़ा है, वहीं राजभर के अकेले मैदान में उतरने से मुकाबला और रोचक हो गया है। यह कदम आने वाले चुनावी समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है।
