पूर्णिया । बिहार के बायसी के माला गांव में चर्च के पादरी अनिल राय पर धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करने और गरीब हिंदू नागरिकों को बदले में आर्थिक लाभ देकर धर्म परिवर्तन कराने का गंभीर आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि पादरी ने 20 हजार रुपये नकद, बेहतर शिक्षा, और जीवन स्तर सुधार का आश्वासन देकर ग्रामीणों को धर्मांतरण के लिए आकर्षित किया।
लगभग तीन वर्षों से चल रहे इस रैकेट के तहत पादरी ने अपने घर पर प्रार्थना सभा आयोजित की, जहां दस से अधिक हिंदू ग्रामीणों ने धर्म परिवर्तन किया। इस रैकेट का मास्टरमाइंड उमेश राम फरार बताया जा रहा है। गुरुवार को ग्रामीणों और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के प्रतिनिधियों की चेतावनी पर पुलिस ने जब पादरी के घर छापा मारा। मौके से बाइबिल, नकदी लेन‑देन की डायरी और अन्य संदिग्ध दस्तावेज जब्त हुए। तब ग्रामीणों ने पादरी को पकड़कर थाने में सौंप दिया ।
पीड़ितों में से एक, कालू हरि ने बताया कि उनकी पत्नी और छोटे भाई को लालच देकर धर्म परिवर्तन कराया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस रैकेट में धमकियां भी दी गईं, और पुलिस में शिकायत करने पर केवल औपचारिक पूछताछ की गई । स्थानीय विहिप के अमौर प्रखंड अध्यक्ष अरुण शर्मा और जिला मंत्री राणा गौतम सिंह ने मिलकर ग्रामीणों की मदद से पादरी को गिरफ्तार कराया और पुलिस के हवाले किया ।
पादरी का कथन और पुलिस कार्रवाई
पादरी अनिल राय का दावा है कि पिछले डेढ़ वर्षों से वे चर्च में कार्यरत हैं और उन्होंने न तो पैसे लेकर धर्म परिवर्तन कराया, न किसी देवी‑देवता की निंदा की। वे इसे जमीन संबंधी विवाद से जोड़ा जा रहे षड्यंत्र बता रहे हैं । दूसरी ओर बायसी थाने के प्रभारी सुरेश प्रसाद नूल ने कहा कि शिकायत मिलने पर FIR दर्ज की जा रही है और मामले की जांच की जाएगी
