छत्तीसगढ़ में कस्टम मिलिंग से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसमें चावल मिलर्स से गैरकानूनी रूप से वसूली की गई। जांच में पता चला कि ₹140 करोड़ की उगाही 2700 मिलर्स से की गई थी।
सिंडिकेट का जाल:
इस घोटाले का संचालन एक संगठित सिंडिकेट द्वारा किया गया, जिसकी अगुवाई मनोज नामक व्यक्ति करता था। बताया जा रहा है कि यह पूरा ऑपरेशन अनवर ढेबर के निर्देशों पर चलाया गया। रामगोपाल इस नेटवर्क का “खजाना प्रमुख” था, जो वसूली गई रकम को संभालता था।
33 जिलों में वसूली:
राज्य के 33 जिलों में सक्रिय यह गिरोह हर मिलर से प्रति क्विंटल ₹20 की दर से अवैध वसूली करता था। यह पैसा नकद और अन्य माध्यमों से संग्रहित किया जाता था।
EOW की कार्रवाई:
घोटाले के उजागर होने के बाद आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ECIB) ने जांच शुरू की। कई आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और सबूतों के आधार पर गिरफ्तारी की तैयारी है।
