September 7, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

बिलासपुर में छुपी प्रार्थना सभा के जरिए धर्मांतरण की कोशिश, हिंदू संगठनों ने जताया विरोध

धर्मांतरण से जुड़ी घटनाएं समाज में अक्सर विवाद और तनाव का कारण बनती रही हैं। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहाँ प्रार्थना सभा की आड़ में कथित रूप से धार्मिक बदलाव का प्रयास किया गया। यह मामला 20 जुलाई 2025 को तब उजागर हुआ जब स्थानीय लोगों और संगठनों को इस गतिविधि की गुप्त जानकारी मिली।

मुख्य घटना:

घटना बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र स्थित गीतांजलि सिटी फेस-2 की है। यहाँ आत्मानंद स्कूल की एक शिक्षिका के निवास पर रविवार को एक “प्रार्थना सभा” आयोजित की गई थी। प्राप्त सूचना के अनुसार, यह सभा सामान्य धार्मिक आयोजन के बजाय एक सुनियोजित धर्मांतरण प्रयास थी। इसमें बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग मौजूद थे।

गोपनीय सूचना और पुलिस की कार्रवाई:

सभा की जानकारी मिलते ही किसी अज्ञात व्यक्ति ने हिंदू संगठनों और पुलिस प्रशासन को सूचना दी। इसके बाद पुलिस और संगठनों के प्रतिनिधि मौके पर पहुँचे। वहाँ ईसाई धर्म से जुड़ी गतिविधियाँ, जैसे यीशु मसीह की आराधना, बाइबल वितरण और अन्य सामग्री पाई गई। इससे यह शक और गहरा हो गया कि यह सभा धर्मांतरण के उद्देश्य से की जा रही थी।

गोपनीयता पर सवाल और विरोध:

स्थानीय लोगों का कहना है कि सभा को जानबूझकर गुप्त रखा गया था ताकि बाहरी लोगों को इसकी भनक न लगे। मौके पर मौजूद लोगों ने दावा किया कि इस सभा में कुछ प्रतिभागियों पर मानसिक और आध्यात्मिक दबाव डालकर धर्मांतरण करवाने की कोशिश की गई।

थाने में आमना-सामना:

घटना के बाद शिक्षिका, उसके समर्थक और हिंदू संगठन आमने-सामने आ गए। थाने में दोनों पक्षों की बहस भी हुई। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की कार्रवाई की तैयारी में है।

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