2 अगस्त 2025 को छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी। जानकारी के अनुसार, 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक किशोरी ने आत्महत्या कर ली। उसकी लाश घर में फांसी के फंदे पर लटकी मिली। इस घटना से परिवार और मोहल्ले में हड़कंप मच गया।
बताया जा रहा है कि घटना से एक दिन पहले छात्रा ने स्कूल न जाने की जिद की थी। इस पर परिजनों ने नाराजगी जताई और उसे डांटा भी। इसके अलावा, छात्रा ने बिना बताए चिप्स और कोल्डड्रिंक लेने बाहर जाने की कोशिश की, जिस पर परिवार ने उसे डांट-फटकार लगाई। इसी मानसिक दबाव और नाराजगी में आकर छात्रा ने अपने कमरे में जाकर फांसी लगा ली।
परिवार का कहना है कि उन्होंने केवल उसके भले के लिए समझाया था, लेकिन उन्हें अंदाज़ा नहीं था कि बेटी इतना बड़ा कदम उठा लेगी। इस दुखद घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। मामले की तह तक जाने और आत्महत्या के वास्तविक कारणों को समझने के लिए पुलिस छानबीन कर रही है।
यह घटना न केवल परिवार के लिए बल्कि समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि बच्चों की भावनाओं को समझना और संवाद बनाए रखना कितना जरूरी है। छोटी सी बात भी कभी-कभी गंभीर परिणाम ला सकती है। माता-पिता और शिक्षकों को बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
