छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राजधानी रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में राज्य सरकार और तेलंगाना के कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल के बीच लाइसेंस समझौता (एमओयू) किया गया। यह समझौता प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY) के अंतर्गत किया गया है, जिसका उद्देश्य राज्य की जनता को उच्चस्तरीय और सुलभ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि यह करार छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य प्रणाली में नई ऊर्जा का संचार करेगा। इस समझौते से यहां की जनता को जटिल और गंभीर बीमारियों के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा, क्योंकि अब विशेषज्ञ सेवाएं और आधुनिक सुविधाएं यहीं उपलब्ध होंगी।
कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण मंत्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, आयुक्त स्वास्थ्य डॉ. प्रियंका शुक्ला सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। साथ ही, कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल हैदराबाद के अध्यक्ष डॉ. गुरुनाथ रेड्डी, डॉ. रघुनाथ रेड्डी और के.वी. रेड्डी भी विशेष रूप से शामिल हुए।
इस समझौते से छत्तीसगढ़ की जनता को न सिर्फ गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलेगा, बल्कि मेडिकल सेक्टर में नए अवसर भी खुलेंगे। राज्य के डॉक्टरों और मेडिकल स्टूडेंट्स को आधुनिक तकनीक से सीखने का मौका मिलेगा। आने वाले समय में यह पहल छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सुविधाओं में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।
