कोरबा/बलरामपुर: छत्तीसगढ़ में भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। कोरबा के मिनीमाता बांगो डैम के 8 गेट खोलने के बाद हसदेव नदी के किनारे बसे 32 गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। वहीं, बलरामपुर में बांध से अचानक पानी छोड़े जाने के कारण हुए हादसे में 5 लोगों की जान चली गई, जबकि 2 लोग अब भी लापता हैं। कोरबा, बलरामपुर, सरगुजा और जशपुर जिलों में प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है।
मिनीमाता बांगो डैम में उफान:
लगातार बारिश के कारण मिनीमाता बांगो डैम का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। डैम से 1.5 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे हसदेव नदी के आसपास के गांवों में बाढ़ की स्थिति बन गई है। प्रभावित गांवों में कटघोरा, पाली, करतला और अन्य क्षेत्रों के 32 गांव शामिल हैं। जिला प्रशासन ने लोगों को नदी किनारे न जाने और अपने मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की सलाह दी है। राहत के लिए अस्थायी शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां भोजन, पानी और दवाइयों की व्यवस्था की गई है। एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीमें 24 घंटे निगरानी कर रही हैं।
बलरामपुर में दर्दनाक हादसा:
बलरामपुर में बांध से बिना पूर्व सूचना के पानी छोड़े जाने के बाद नदी में अचानक आए उफान ने कई लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। अब तक 5 शव बरामद किए गए हैं, जिनमें 3 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल हैं। दो लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए गोताखोर और एनडीआरएफ की टीमें दिन-रात काम कर रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने समय पर चेतावनी नहीं दी, जिसके चलते यह हादसा हुआ।
चार जिलों में बाढ़ का अलर्ट:
कोरबा, बलरामपुर, सरगुजा और जशपुर में भारी बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों में और बारिश की चेतावनी दी है। प्रशासन ने नदी किनारे बसे सभी गांवों को खाली कराने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों और सामुदायिक भवनों को राहत शिविरों में तब्दील किया गया है।
प्रशासन की तैयारियां:
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्थिति पर नजर रखने के लिए आपातकालीन बैठक बुलाई है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री और चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की है।
