कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में एक MBBS छात्र की लाश फंदे पर लटकी मिलने से सनसनी फैल गई। यह घटना शनिवार सुबह सामने आई, जब छात्र के हॉस्टल रूम में उसका शव देखा गया। प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है, और बताया जा रहा है कि चल रही परीक्षाओं का दबाव इसकी वजह हो सकता है। घटना के बाद कॉलेज परिसर में हड़कंप मच गया, और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
परीक्षा के दबाव में उठाया आत्मघाती कदम?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतक छात्र मेडिकल कॉलेज का तृतीय वर्ष का छात्र था, और उसकी परीक्षाएं चल रही थीं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, छात्र ने अपने हॉस्टल के कमरे में छत के पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या की। हॉस्टल के अन्य छात्रों ने सुबह जब उसे कमरे से बाहर नहीं निकलते देखा, तो दरवाजा खटखटाया। जवाब न मिलने पर दरवाजा तोड़ा गया, जहां उसका शव लटकता मिला। घटना की सूचना तुरंत कॉलेज प्रशासन और पुलिस को दी गई।
पुलिस ने शुरू की जांच
कोरबा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। अभी तक कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिसके कारण आत्महत्या की सटीक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। हालांकि, पुलिस ने बताया कि छात्र के सहपाठियों और कॉलेज प्रशासन से पूछताछ में पता चला कि वह हाल ही में पढ़ाई और परीक्षा के दबाव से तनाव में था। पुलिस अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है, जिसमें पारिवारिक या निजी समस्याएं शामिल हो सकती हैं।
कॉलेज प्रशासन में मातम, उठे सवाल
घटना के बाद मेडिकल कॉलेज में शोक की लहर दौड़ गई। छात्रों और फैकल्टी ने इस दुखद घटना पर गहरा दुख जताया। कुछ छात्रों ने मेडिकल शिक्षा के बढ़ते दबाव और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान न दिए जाने की बात उठाई। एक सहपाठी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “पढ़ाई का दबाव इतना ज्यादा होता है कि कई बार हम टूटने लगते हैं। कॉलेज में मेंटल हेल्थ सपोर्ट की जरूरत है।”
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
यह कोई पहला मामला नहीं है जब मेडिकल छात्रों पर पढ़ाई का दबाव आत्मघाती कदम उठाने की वजह बना हो। हाल के वर्षों में देशभर में कई मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों में ऐसी घटनाएं सामने आई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मेडिकल शिक्षा की कठिन प्रक्रिया और प्रतिस्पर्धा छात्रों पर भारी दबाव डालती है, जिसके लिए काउंसलिंग और मेंटल हेल्थ सपोर्ट सिस्टम को मजबूत करने की जरूरत है।
क्या बोली पुलिस?
कोरबा के थाना प्रभारी ने बताया, “हमने मामला दर्ज कर लिया है और सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और सहपाठियों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।” पुलिस ने परिजनों को सूचित कर दिया है, जो कोरबा पहुंच रहे हैं।
