छत्तीसगढ़ राज्य में नक्सल उन्मूलन की दिशा में सुरक्षा बलों को एक ऐतिहासिक सफलता मिली है। गरियाबंद और नारायणपुर जिलों में हुए अभियानों ने यह साबित कर दिया है कि अब नक्सलियों की जड़ें कमजोर पड़ रही हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर सीआरपीएफ की कोबरा कमांडो, छत्तीसगढ़ पुलिस और डीआरजी के जवानों को बधाई दी है।
गरियाबंद जिले में हुई मुठभेड़ में अब तक दस नक्सली मारे गए हैं। इनमें एक करोड़ रुपये के इनामी और केंद्रीय समिति सदस्य मोडेम बालकृष्ण उर्फ मनोज भी शामिल है। यह उपलब्धि नक्सल उन्मूलन अभियान में ऐतिहासिक मानी जा रही है, क्योंकि इससे नक्सली संगठन की रीढ़ पर सीधा प्रहार हुआ है।
इसी क्रम में नारायणपुर जिले में भी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का संकल्प लिया है। कुल 16 नक्सलियों ने, जिनमें पंचायत मिलिशिया डिप्टी कमांडर और पंचायत सरकार के विभिन्न शाखाओं से जुड़े पदाधिकारी भी शामिल हैं, हथियार डालकर समाज में शांति और विकास की राह चुनी है।
मुख्यमंत्री ने इस घटना को नक्सलियों की खोखली विचारधारा की पराजय और लोकतांत्रिक व्यवस्था की जीत बताया। उन्होंने कहा कि अब छत्तीसगढ़ में विश्वास, विकास और शांति की नई सुबह उदय हो रही है। यह घटनाएँ न केवल सुरक्षा बलों की बहादुरी का उदाहरण हैं बल्कि उन लोगों के लिए भी प्रेरणा हैं जो हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं।
