रायपुर, : राजधानी रायपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व भक्ति, उत्साह और भव्यता के साथ मनाया जा रहा है। टाटीबंध के इस्कॉन मंदिर में तीन दिवसीय जन्माष्टमी महोत्सव की धूम है, जहां भगवान श्रीकृष्ण को 1100 किलोग्राम मालपुआ का विशेष भोग अर्पित किया गया। मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों, झालरों और रंगोली से सजाया गया है। भगवान का श्रृंगार मथुरा और वृंदावन से मंगवाए गए रेशमी वस्त्रों और आभूषणों से किया गया। आज शाम 6:30 बजे से ‘भक्ति रस संकीर्तन बैंड’ की प्रस्तुति होगी, जो भक्तों को मंत्रमुग्ध करेगी। सुबह 9:30 बजे से रात 1:30 बजे तक दर्शन का समय है, जिसमें हजारों श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं।

समता कॉलोनी के श्री राधा-कृष्ण मंदिर में भी जन्माष्टमी की रौनक चरम पर है। मंदिर को गेंदा, चमेली और गुलाब के फूलों से सजाया गया है। सुबह 8 बजे भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी का दुग्धाभिषेक किया गया, जिसमें सैकड़ों भक्त शामिल हुए। शाम 7 बजे से भव्य झांकी सजेगी, और 56 भोग के साथ रात 8 बजे महाआरती होगी। जैतूसाव मठ में 10 क्विंटल मालपुआ और माखन-मिश्री का भोग तैयार किया गया है। रात 8:30 बजे से भजन-कीर्तन और नृत्य नाटिका का आयोजन होगा, जो भक्तों को कृष्ण लीला के रस में डुबोएगा।
शहर के अन्य प्रमुख मंदिरों में भी उत्सव की धूम है। बूढ़ापारा के गोकुल चंद्रमा मंदिर में सावन माह से शुरू हुई सजावट आज अपने पूर्ण वैभव में है। दूधाधारी मठ में विशेष धनिया पंजीरी और मिश्री का प्रसाद तैयार किया गया है। नयापारा के 156 साल पुराने श्री बांके बिहारी मंदिर में सुबह 7 बजे से दुग्धाभिषेक के साथ उत्सव शुरू हुआ, और रात 8:30 बजे से भजन संध्या व झांकी दर्शन का आयोजन होगा।
विशेष आयोजन: इस्कॉन मंदिर में रविवार को सुबह 10 बजे से हरिनाम संकीर्तन और दोपहर 12 बजे से प्रसाद वितरण होगा। मंदिर परिसर में बच्चों के लिए कृष्ण लीला पर आधारित नाटक और क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी।
शुभ मुहूर्त: इस्कॉन के अनुसार, जन्माष्टमी की निशिता काल पूजा 16 अगस्त को रात 11:40 बजे से 12:24 बजे तक होगी। व्रत का पारण 17 अगस्त को सुबह 5:32 बजे के बाद होगा।
