नशे का कारोबार समाज के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। यह न केवल युवाओं के भविष्य को नष्ट करता है बल्कि अपराध और असामाजिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देता है। ऐसे अपराधियों पर नकेल कसने के लिए प्रशासन लगातार कार्रवाई करता रहता है। बिलासपुर में हाल ही में हुई पुलिस कार्रवाई इसका ताज़ा उदाहरण है।
मुख्य घटना
13 सितंबर 2025 को पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत नशे के सौदागर अजय चक्रवर्ती की अवैध संपत्तियों को जब्त किया। उसकी संपत्ति की कुल कीमत 1 करोड़ 20 लाख रुपए आँकी गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अजय चक्रवर्ती लंबे समय से नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल था। उसने ड्रग्स के धंधे से कमाए गए पैसों से कई ज़मीनें खरीदीं और मकान का निर्माण भी कराया।
जांच और खुलासे
जांच में सामने आया कि आरोपी ने यह संपत्तियां अपनी पत्नी और एक परिचित महिला के नाम पर खरीदी थीं, ताकि वह एजेंसियों की नज़र से बच सके। पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए आवासपारा सिरिगिट्टी और टिकरापारा में स्थित जमीन और मकान को फ्रीज कर दिया है।
कानूनी पहलू
पुलिस ने पूरा मामला SAFEMA (Smugglers and Foreign Exchange Manipulators Act) न्यायालय को भेजा है। अब न्यायालय यह निर्णय करेगा कि जब्त की गई संपत्ति को स्थायी रूप से सरकार के कब्जे में लिया जाए या नहीं।
