रायपुर में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। शहर के एक आवासीय इलाके से पुलिस ने नक्सली संगठन से जुड़े एक पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। दोनों पिछले कुछ समय से इलाज के बहाने रायपुर में किराए के मकान में रह रहे थे और अपनी असली पहचान छिपाकर आम नागरिकों की तरह जीवन व्यतीत कर रहे थे।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी दंपति ने फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल करके मकान किराए पर लिया था। इतना ही नहीं, वे शहर में अधिकारियों के घरों में ड्राइवर और गार्ड के रूप में काम कर चुके थे, ताकि अपनी पहचान पर किसी को शक न हो। वे बेहद चालाकी से समाज में घुलमिल गए थे और खुफिया एजेंसियों की नजर से अब तक बचे रहे।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनके पास से कई संदिग्ध दस्तावेज और मोबाइल डाटा बरामद किया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि वे नक्सली नेटवर्क से जुड़े हुए थे और शहर में अपने साथियों के लिए ठिकाना तैयार कर रहे थे।
अभी पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि रायपुर में और किन लोगों से उनका संपर्क था और क्या वे किसी बड़ी नक्सली योजना का हिस्सा थे। अधिकारियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी नक्सलियों की नई रणनीति को उजागर करती है, जिसमें वे अब सीधे जंगलों में नहीं, बल्कि शहरों में रहकर गुप्त रूप से काम कर रहे हैं।
इस कार्रवाई से रायपुर पुलिस ने यह संदेश दिया है कि शहर में किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता से काम कर रही हैं।
