September 7, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में मानसून का आखिरी दौर, दक्षिण में बरसात तो उत्तर में बढ़ेगी सुबह-शाम की ठंडक

छत्तीसगढ़ में मानसून का आखिरी चरण शुरू हो गया है। पिछले 24 घंटों में राज्य के दक्षिणी हिस्सों में अब भी सक्रिय बादल छाए रहे और कई इलाकों में जोरदार बारिश दर्ज की गई। अंता्गढ़ में 100 मिमी, मैनपुर में 70 मिमी और लोहंडीगुड़ा में 60 मिमी वर्षा हुई। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव क्षेत्र कमजोर होने के बाद मानसून धीरे-धीरे पीछे हटने लगा है। अब यह प्रणाली पूर्वी मध्य भारत से निकलकर पूरी तरह समाप्त होने की दिशा में बढ़ रही है।

मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों में रायपुर समेत उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ से मानसून की विदाई शुरू हो जाएगी। इस साल मानसून ने प्रदेश में करीब चार महीने तक सक्रिय रहकर सामान्य से अधिक बारिश दी। विदाई के साथ ही अब प्रदेश में मौसम का मिजाज भी बदलने वाला है।

जैसे-जैसे मानसून पीछे हटेगा, ठंडी और शुष्क उत्तर-पूर्वी हवाएं राज्य की ओर बढ़ने लगेंगी। इससे नमी घटेगी और सुबह-शाम के तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले एक हफ्ते में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की कमी आ सकती है। इससे राज्य में हल्की ठंडक का असर दिखने लगेगा।

रायपुर, बिलासपुर और सरगुजा समेत कई इलाकों में अब बारिश की गतिविधियां लगभग थमने लगी हैं और शुष्क मौसम की संभावना जताई गई है। हालांकि दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों—खासकर बस्तर, कांकेर, दंतेवाड़ा और सुकमा में हल्की से मध्यम बारिश के आसार अभी बने हुए हैं। वहीं उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में अक्टूबर के आखिरी सप्ताह तक ठंडी हवाएं असर दिखाने लगेंगी।

कुल मिलाकर, मानसून की विदाई के साथ ही प्रदेश में मौसम में एक बड़ा बदलाव आने वाला है। आने वाले हफ्तों में गर्मी की जगह हल्की ठंडक का अहसास पूरे राज्य में महसूस किया जाएगा।

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