18 अक्टूबर 2025 को Koriya district में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। Anti Corruption Bureau (ACB) की टीम ने पटना थाना में पदस्थ एएसआई पोलीकार्प टोप्पो और न्यायालय में नियुक्त पीएलवी राजू को 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगने के आरोप में रंगे हाथों गिरफ्तार किया। मामला मोटर व्हीकल एक्ट के एक प्रकरण से जुड़ा हुआ था, जिसमें आरोपियों ने वाहन स्वामी से मामले को निपटाने के एवज में पहले 20 हजार रुपए की मांग की और बाद में बातचीत के बाद 12 हजार रुपए में सौदा तय हुआ।
पीड़ित वाहन स्वामी ने इस पूरी घटना की शिकायत सरगुजा एसीबी से की। शिकायत मिलते ही एसीबी की टीम ने एक योजना बनाकर ट्रैप ऑपरेशन शुरू किया। शिकायतकर्ता को रासायनिक लगे नोट दिए गए और जैसे ही आरोपियों ने राशि स्वीकार की, टीम ने मौके पर ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया। तकनीकी जांच में उनके हाथों का रंग गुलाबी पड़ गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हो गई।
घटना के बाद एसीबी टीम ने थाना परिसर में ही जांच प्रक्रिया पूरी की और दोनों आरोपियों को बैंकुठपुर रेस्ट हाउस ले जाकर विधि अनुसार आगे की कार्रवाई की। सूत्रों के अनुसार, सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गईं और दोनों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
इस पूरे मामले की जानकारी मिलते ही कोरिया पुलिस अधीक्षक ने एएसआई पोलीकार्प टोप्पो को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही विभागीय स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है। एसपी ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी पुलिसकर्मी को बख्शा नहीं जाएगा।
यह कार्रवाई प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासनिक सख्ती का प्रतीक मानी जा रही है। एसीबी की त्वरित कार्रवाई और एसपी के सख्त रुख ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर अब तुरंत कार्रवाई होगी। इस कदम से ईमानदार नागरिकों का प्रशासन पर विश्वास भी मजबूत हुआ है।
