July 22, 2026
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छत्तीसगढ़

जशपुर जम्बूरी में संस्कृति, साहस और आतिथ्य का संगम — होम स्टे ने बढ़ाया ग्रामीण पर्यटन का आकर्षण

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में आयोजित जशपुर जम्बूरी ने पर्यटन को नई पहचान दी है। चार दिवसीय इस आयोजन में पर्यटकों ने पहली बार ग्रामीण जीवन, पारंपरिक संस्कृति और साहसिक गतिविधियों का ऐसा अनूठा मिश्रण देखा, जिसने सबका मन मोह लिया।

जिला प्रशासन द्वारा 6 से 9 नवम्बर तक आयोजित जशपुर जम्बूरी में देशभर से आए पर्यटकों ने स्थानीय संस्कृति, खानपान और जनजातीय परंपराओं को नजदीक से समझने का अवसर पाया। इस उत्सव ने यह दिखाया कि छत्तीसगढ़ केवल प्राकृतिक सुंदरता ही नहीं, बल्कि समृद्ध लोक-संस्कृति और आत्मीय आतिथ्य के लिए भी जाना जा सकता है।

होम स्टे बना अनुभव का केंद्र

ग्राम केरे में पर्यटकों के लिए आठ होम स्टे बनाए गए, जहाँ मेहमानों को स्थानीय परिवारों के साथ रहने का अवसर मिला। पर्यटक केवल अतिथि नहीं रहे, बल्कि परिवार का हिस्सा बनकर ग्रामीण जीवनशैली में घुलमिल गए। उन्होंने पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया, खेतों और जंगलों की सैर की और जनजातीय नृत्य-संगीत का आनंद उठाया।

पर्यटकों का कहना था— “होम स्टे में रहना होटल से कहीं बेहतर अनुभव है; यहाँ की सादगी और अपनापन दिल को छू गया।”

रोमांच के दीवानों के लिए साहसिक खेलों का आयोजन

देशदेखा क्षेत्र में आयोजित रॉक क्लाइंबिंग और ट्रेकिंग ने रोमांच प्रेमियों को खूब आकर्षित किया। लगभग 120 पर्यटकों ने विशेषज्ञों की निगरानी में इन गतिविधियों का आनंद लिया। हरी-भरी घाटियों और ठंडी हवाओं के बीच साहसिक खेलों का मज़ा लेते हुए पर्यटकों ने जशपुर की पहाड़ियों की सुंदरता को करीब से महसूस किया।

लोक संस्कृति ने सजाया उत्सव का रंगमंच

संध्या बेला में लोक कलाकारों की प्रस्तुति ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर कलाकारों के नृत्य और छत्तीसगढ़ी गीतों की मधुर स्वर-लहरियों ने पर्यटकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। पारंपरिक दोना-पत्तल में परोसे गए स्थानीय व्यंजन और चांदनी रात की उजास ने अनुभव को अविस्मरणीय बना दिया।

ग्रामीण पर्यटन को मिली नई दिशा

‘जशपुर जम्बूरी’ ने साबित किया कि जब स्थानीय संस्कृति, प्रकृति और आधुनिक पर्यटन का संगम होता है, तो यह न केवल पर्यटकों के लिए आकर्षण बनता है बल्कि स्थानीय लोगों के लिए आजीविका का साधन भी बनता है। इस आयोजन ने जशपुर को एक आदर्श ग्रामीण पर्यटन मॉडल के रूप में स्थापित किया है।

छत्तीसगढ़ अब हिमाचल, केरल और उत्तराखंड की तर्ज पर होम स्टे आधारित ग्रामीण पर्यटन के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। जशपुर की हरियाली, पहाड़ियाँ और लोगों की आत्मीयता ने इस अवधारणा को और भी जीवंत और आकर्षक बना दिया है

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