रीवा के लोगों का वर्षों पुराना सपना आखिरकार पूरा हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज रीवा से दिल्ली के बीच हवाई सेवा का शुभारंभ किया। उन्होंने 72 सीटर विमान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस सेवा की शुरुआत के साथ ही अब रीवा सीधे देश की राजधानी दिल्ली से हवाई मार्ग द्वारा जुड़ गया है। यह कदम विंध्य क्षेत्र के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है।
नई उड़ान सेवा का संचालन अलायंस एयर एविएशन कंपनी द्वारा किया जाएगा। यह सेवा सप्ताह में तीन दिन—मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को संचालित होगी। दिल्ली से उड़ान नंबर 9I-675 शाम 5:25 बजे रवाना होकर रात 8 बजे रीवा पहुंचेगी, वहीं रीवा से उड़ान नंबर 9I-676 रात 8:25 बजे उड़ान भरकर 10:40 बजे दिल्ली पहुंचेगी।
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किराया भी तय किया गया है। रीवा से दिल्ली के लिए फर्स्ट क्लास ₹19,430, सेकेंड क्लास ₹13,130 और थर्ड क्लास ₹3,680 रखा गया है। वहीं दिल्ली से रीवा आने वाले यात्रियों के लिए फर्स्ट क्लास ₹19,484, सेकेंड क्लास ₹13,184 और थर्ड क्लास ₹3,734 तय किया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर संदेश भेजकर रीवा-Delhi हवाई सेवा के शुभारंभ पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उड़ान रीवा सहित पूरे विंध्य क्षेत्र के विकास का नया अध्याय लिखेगी। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में लिखा कि “रीवा, जो अपनी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पहचान के लिए प्रसिद्ध है, अब हवाई संपर्क से नई ऊँचाइयों को छूने जा रहा है।”
पीएम ने यह भी कहा कि यह उड़ान सेवा न केवल लोगों की यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में असीम संभावनाओं के द्वार खोलेगी। उन्होंने इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि “यह सिर्फ एक उड़ान नहीं, बल्कि रीवा और पूरे विंध्य क्षेत्र के सपनों की उड़ान है।” उन्होंने विश्वास जताया कि यह सेवा आने वाले समय में स्थानीय व्यापार, रोजगार और पर्यटन को नई गति देगी।
वास्तव में यह पहल ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना को साकार करती है। हवाई सेवा के शुभारंभ से रीवा अब देश के विकास मानचित्र पर एक नया मुकाम हासिल करने की ओर अग्रसर है। यह उड़ान न केवल दूरी घटाएगी, बल्कि लोगों के दिलों को भी जोड़ेगी और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा देगी।
