तेलंगाना के संगारेड्डी जिले के पाशमायलारम इंडस्ट्रियल एरिया में 30 जून को एक फार्मा फैक्ट्री में हुए विस्फोट ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। हादसा इतना भीषण था कि मजदूरों के जले हुए शव फैक्ट्री से 100 मीटर दूर तक जा गिरे। इस दर्दनाक हादसे में 12 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 34 से अधिक मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए।
🔥 विस्फोट की भयावहता
सुबह करीब 9 बजे अचानक एक रिएक्टर में धमाका हुआ। यह विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि पूरी इमारत ध्वस्त हो गई और आग ने कुछ ही पलों में पूरे संयंत्र को अपनी चपेट में ले लिया। धुआं और आग की लपटें दूर से ही दिखाई दे रही थीं। चश्मदीदों ने बताया कि उन्होंने ऐसा भयावह मंजर कभी नहीं देखा।
🧍♂️ मजदूरों के अधूरे सपने
इस फैक्ट्री में काम करने वाले कई मजदूरों की यह पहली नौकरी थी। अजय और जस्टिन जैसे युवा मजदूर अपनी पहली सैलरी का इंतजार कर रहे थे, लेकिन इससे पहले ही जिंदगी उनसे छिन गई। यह हादसा न केवल उनका भविष्य निगल गया, बल्कि उनके परिवारों को भी अंधेरे में धकेल गया।
🚑 राहत और बचाव कार्य
घटना की सूचना मिलते ही दमकल की 11 गाड़ियाँ, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। फंसे लोगों को निकालने के लिए रोबोटिक उपकरणों की मदद ली गई। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कई की हालत नाजुक बनी हुई है।
⚠️ सुरक्षा में भारी चूक
प्रारंभिक जांच में फैक्ट्री प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है। बताया जा रहा है कि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया, जिससे यह हादसा हुआ। रसायनों के गलत तरीके से संचयन और ओवरलोडिंग ने स्थिति को और भयावह बना दिया।
