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October 23, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में बड़ा सरेंडर ऑपरेशन: 1 करोड़ के इनामी समेत 12 नक्‍सलियों ने हथियार डाले, MMC ज़ोन बिखरने की कगार पर

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाक़ों से सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। सड़क निर्माण, पुलिस कैंप विस्तार और लगातार कॉम्बिंग ऑपरेशन के दबाव में सोमवार 08 दिसंबर 2025 की सुबह खैरागढ़ ज़िले के बकरकट्टा थाना क्षेत्र के कुम्ही गांव में कुल 12 नक्सलियों ने हथियारबंद संगठन CPI (माओवादी) से नाता तोड़ दिया। इस समूह में 1 करोड़ रुपये के इनामी कुख्यात CC सदस्य रामदेर मज्जी भी शामिल रहा, जो छत्तीसगढ़ में हिंसा फैलाने वाले शीर्ष नेताओं में गिना जाता था।

सरेंडर की बड़ी वजह: बढ़ता दबाव और जान का ख़तरा

पुलिस के अनुसार, पिछले कुछ महीनों से MMC (मध्य प्रदेश–महाराष्ट्र–छत्तीसगढ़) ज़ोन में सुरक्षाबलों का दबाव लगातार बढ़ा है। कई सक्रिय कैडरों के खात्मे और पकड़े जाने के बाद संगठन में अंदरूनी असंतोष बढ़ रहा था। इसी भय के चलते इन नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। रामधेर मंझी पर घोषित 1 करोड़ रुपये का इनाम सुरक्षा एजेंसियों की प्राथमिकता को दर्शाता है। हिड़मा के बाद वह छत्तीसगढ़ का सबसे वांछित नक्सली था।

किन-किन ने किया सरेंडर – हथियारों सहित सूची

सरेंडर करने वाले नक्सलियों में CCM, DVCM, ACM और PM स्तर के सदस्य शामिल हैं। पुलिस की आधिकारिक सूची इस प्रकार है—

  1. रामदेर मज्जी – CCM – AK47
  2. चंदू उसेंडी – DVCM – 30 कार्बाइन
  3. ललिता – DVCM – बिना हथियार
  4. जानकी – DVCM – इंसास
  5. प्रेम – DVCM – AK47
  6. रामसिंह दादा – ACM – .303
  7. सुकेश पोटम – ACM – AK47
  8. लक्ष्मी – PM – इंसास
  9. शीला – PM – इंसास
  10. सागर – PM – SLR
  11. कविता – PM – 303
  12. योगिता – PM – बिना हथियार

इनमें 6 महिलाएँ भी शामिल हैं, जो लंबे समय से संगठन के भीतर सक्रिय थीं।

MMC ज़ोन को तगड़ा झटका

एक करोड़ के इनामी रामदेर मज्जी के आत्मसमर्पण के बाद सुरक्षा तंत्र का मानना है कि MMC ज़ोन पूरी तरह ढहने के कगार पर है। कुछ दिन पहले इसी ज़ोन के प्रवक्ता अनंत ने भी अपने साथियों के साथ सरेंडर किया था। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार सरेंडर से माओवादी संगठन को रणनीतिक और मनोवैज्ञानिक दोनों स्तरों पर बड़ा नुक़सान हुआ है।

सरकार ने मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद मुक्त करने का लक्ष्य तय किया है। इस बड़े सरेंडर ऑपरेशन ने उस अभियान को महत्वपूर्ण बल दिया है।

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