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October 25, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

डिजिटल अरेस्ट का जाल: पूर्व CJI का नाम लेकर बुजुर्ग महिला से 3.71 करोड़ की ठगी, सूरत से आरोपी गिरफ्तार

मुंबई में साइबर ठगों द्वारा डिजिटल अरेस्ट के नाम पर एक बुजुर्ग महिला से करोड़ों रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों का अधिकारी बताते हुए महिला को डराया और फर्जी ऑनलाइन कोर्ट सुनवाई के जरिए उससे करीब 3.71 करोड़ रुपये ऐंठ लिए।

पीड़ित महिला मुंबई के अंधेरी वेस्ट इलाके की रहने वाली है। अगस्त महीने में महिला को एक कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को कोलाबा पुलिस स्टेशन का अधिकारी बताया। आरोपी ने महिला को बताया कि उसके बैंक खाते का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में हो रहा है और यदि उसने किसी को इसकी जानकारी दी तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डर के माहौल में महिला से बैंक डिटेल्स मांगी गईं और कहा गया कि अब उसकी जांच CBI करेगी।

इसके बाद ठगों ने महिला को एक फर्जी वीडियो कॉल कोर्ट सुनवाई में जोड़ा, जहां एक व्यक्ति ने खुद को पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ बताया। आरोपी ने भरोसा दिलाया कि महिला निर्दोष है और जांच के लिए उससे निवेश से जुड़े दस्तावेज मांगे गए। महिला से दो से तीन पन्नों का निजी जीवन पर निबंध भी लिखवाया गया और कहा गया कि इससे उसकी बेगुनाही साबित होगी।

लगातार दबाव और डर के चलते महिला ने करीब दो महीनों के भीतर अलग-अलग खातों में लगभग चार करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। पैसे ट्रांसफर होने के बाद जब कॉल आना बंद हुई तो महिला को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उसने वेस्ट रीजन साइबर पुलिस स्टेशन से संपर्क किया, जहां मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच में सामने आया कि महिला का पैसा कई म्यूल अकाउंट्स में ट्रांसफर किया गया था। इनमें से एक खाता गुजरात के सूरत में ट्रेस हुआ। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सूरत से एक आरोपी को गिरफ्तार किया, जिसके खाते में 1.71 करोड़ रुपये ट्रांसफर हुए थे। आरोपी ने यह खाता एक फर्जी कपड़ा कंपनी के नाम पर खुलवाया था और इसके बदले उसे 6.40 लाख रुपये कमीशन मिला था।

पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि इस पूरे रैकेट के दो मास्टरमाइंड विदेश में बैठे हैं। इनमें से एक का इमिग्रेशन और वीजा सर्विस से जुड़ा कारोबार है। पुलिस अब अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि डिजिटल अरेस्ट और फर्जी एजेंसी कॉल के जरिए साइबर ठग किस तरह आम लोगों, खासकर बुजुर्गों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की धमकी भरी कॉल, वीडियो कोर्ट या एजेंसी के नाम पर पैसे मांगने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।

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