रायपुर: सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए खुदवाया गया गड्ढा एक परिवार के लिए काल बन गया। खुले और बिना सुरक्षा के छोड़े गए गड्ढे में गिरने से 4 साल की बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। परिजन बदहवास हैं और स्थानीय लोगों ने इसे साफ तौर पर लापरवाही का नतीजा बताया है।
बताया गया कि घर में सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए कुछ दिन पहले गड्ढा खुदवाया गया था, लेकिन काम के बाद न तो उसे ढंका गया और न ही आसपास कोई घेराबंदी की गई। खेलते समय बच्ची अचानक गड्ढे के पास पहुंच गई और संतुलन बिगड़ने से अंदर गिर पड़ी। परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
यह घटना कोई अकेला मामला नहीं है। साल 2025 में खुले गड्ढों और सेप्टिक टैंकों में गिरने से दो अलग-अलग हादसों में तीन बच्चों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद सुरक्षा मानकों की अनदेखी लगातार जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण या सफाई कार्य के दौरान सुरक्षा इंतजाम न होने से मासूमों की जान खतरे में पड़ रही है।
हादसे के बाद प्रशासन और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर खुले गड्ढों को ढंकने और बैरिकेडिंग के नियमों का पालन क्यों नहीं कराया जा रहा। लोगों ने मांग की है कि जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाएं दोहराई न जाएं।
