राजनांदगांव नगर निगम ने शहर को अव्यवस्थित करने वाले अवैध विज्ञापनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा के निर्देश पर निगम की टीम ने आरके नगर से कमला कॉलेज तक विशेष अभियान चलाकर लगभग 60 अवैध पोस्टर, बैनर और छोटे विज्ञापन बोर्ड हटाए। यह कार्रवाई बिना अनुमति निजी भवनों की दीवारों, छतों, बिजली के खंभों और फ्लाईओवर के पिलरों पर लगाए गए विज्ञापनों के खिलाफ की गई।
आयुक्त ने बताया कि इस प्रकार के विज्ञापन छत्तीसगढ़ विज्ञापन पंजीकरण एवं विनियमन उपविधि 2012 की कंडिका 9 तथा छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 248 एवं 434 का स्पष्ट उल्लंघन हैं, जो दंडनीय अपराध की श्रेणी में आते हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी संबंधित एजेंसियों और व्यक्तियों को अवैध होर्डिंग हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निर्देशों की अनदेखी किए जाने पर निगम को सीधे कार्रवाई करनी पड़ी।
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। आयुक्त ने सभी विज्ञापन एजेंसियों, संस्थानों और व्यापारियों से अपील की है कि वे नगर निगम से विधिवत अनुमति और स्वीकृति प्राप्त किए बिना किसी भी प्रकार का विज्ञापन बोर्ड, होर्डिंग, बैनर या पोस्टर न लगाएं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ आर्थिक दंड लगाया जाएगा।
इसके साथ ही निगम द्वारा अवैध विज्ञापन सामग्री को जब्त या हटाया जाएगा तथा आवश्यक होने पर संबंधित विज्ञापनकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज कराई जाएगी। अवैध विज्ञापनों से होने वाली क्षति और हटाने में आए खर्च की जिम्मेदारी भी संबंधित एजेंसी या व्यक्ति की होगी।
नगर निगम की इस कार्रवाई से शहर में स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और यातायात सुरक्षा को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। निगम प्रशासन ने दोहराया है कि नियमों के तहत विज्ञापन लगाने वालों को पूरा सहयोग दिया जाएगा, लेकिन अवैध गतिविधियों के प्रति किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
