राजधानी रायपुर में नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस ने वर्ष 2025 में सख्त अभियान चलाया। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह विशेष “ड्रिंक एंड ड्राइव” अभियान लगातार जारी रहा। जनवरी से दिसंबर 2025 तक कुल 1523 नशेड़ी वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जबकि 680 चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए।
इस अभियान के तहत ट्रैफिक पुलिस ने शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों पर रात 11 बजे से तड़के 2 बजे तक नियमित चेकिंग पॉइंट लगाए। इस दौरान आधुनिक ब्रीथ एनालाइजर मशीन से वाहन चालकों की जांच की गई। नशे में वाहन चलाते पाए जाने पर चालकों के वाहन मौके पर ही जब्त कर लिए गए और नियमानुसार उन्हें यातायात मुख्यालय में रखा गया। बाद में आरोपियों को मोटरयान अधिनियम के तहत न्यायालय में पेश किया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, चालान और अर्थदंड भरने के बाद ही वाहन छोड़े जाते हैं। इसके साथ ही गंभीर मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन की भी कार्रवाई की जाती है। वर्ष 2025 में सबसे अधिक 261 मामले अगस्त महीने में दर्ज किए गए, जबकि अक्टूबर में सबसे कम 40 प्रकरण सामने आए। दिसंबर महीने में (28 दिसंबर तक) कुल 52 मामलों में कार्रवाई की गई।
ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि नशे में वाहन चलाने से होने वाली दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके और शहर की सड़कों को सुरक्षित बनाया जा सके। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे शराब पीकर वाहन न चलाएं और यातायात नियमों का पालन कर अपनी और दूसरों की जान सुरक्षित रखें।
