छत्तीसगढ़ में एक बार फिर सर्द हवाओं का असर तेज हो गया है। दो दिन की हल्की राहत के बाद प्रदेश में ठंड ने दोबारा लोगों को कंपकंपाने पर मजबूर कर दिया है। खासकर उत्तर छत्तीसगढ़ में ठंड का प्रभाव ज्यादा देखा जा रहा है, जहां रात के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका अंबिकापुर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं मैदानी इलाकों में रायपुर सबसे ठंडा शहर रहा, जहां रात का तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा दुर्ग में 9.2 डिग्री, पेंड्रा में 9.4 डिग्री और बिलासपुर में 9.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।
सरगुजा संभाग में ठंड का असर इतना अधिक है कि लोगों को सुबह और शाम के समय अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में खुले में काम करने वाले मजदूर और बुजुर्ग ठंड से सबसे ज्यादा प्रभावित नजर आ रहे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, 17 जनवरी को उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के 14 जिलों में शीतलहर चलने की संभावना है। हालांकि अगले दो दिनों तक मौसम शुष्क बने रहने की उम्मीद जताई गई है। विभाग का कहना है कि धीरे-धीरे ठंड का असर कम होगा और न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 29.9 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में रहा। मौसम के इस उतार-चढ़ाव के बीच स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को ठंड से बचाव के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है।
