नई दिल्ली। ईरान में बीते कई हफ्तों से जारी हिंसक हालात के बीच भारत लौटे नागरिकों ने दिल्ली एयरपोर्ट पर अपने अनुभव साझा करते हुए वहां की भयावह स्थिति का खुलासा किया। भारत पहुंचे कई लोग भावुक हो गए और फूट-फूटकर रोते नजर आए। लौटे नागरिकों ने बताया कि ईरान में हालात बेहद खराब हैं, इंटरनेट और संचार सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं, जिससे परिजनों से संपर्क तक संभव नहीं हो पा रहा था।
भारतीयों के मुताबिक 28 दिसंबर से शुरू हुई हिंसा धीरे-धीरे पूरे देश में फैल गई। कई इलाकों में लगातार गोलीबारी, सुरक्षाबलों की कार्रवाई और विरोध प्रदर्शनों के चलते आम लोगों का जीवन ठहर सा गया। भारतीय नागरिकों ने कहा कि डर और अनिश्चितता के माहौल में रहना बेहद मुश्किल हो गया था। खाने-पीने की चीजों की किल्लत, बंद बाजार और लगातार बदलते हालात ने तनाव और बढ़ा दिया।
लौटे लोगों ने बताया कि इंटरनेट बंद होने की वजह से भारत में बैठे परिजन लगातार चिंता में रहे। कई दिनों तक कोई संपर्क नहीं हो पाया, जिससे मानसिक दबाव बढ़ता चला गया। हालात इतने गंभीर थे कि लोगों को घरों से बाहर निकलने में भी डर लगने लगा था। भारतीय नागरिकों ने सरकार से सुरक्षित निकासी के लिए आभार जताया और कहा कि समय पर मदद न मिलती तो स्थिति और भी खतरनाक हो सकती थी।
बताया जा रहा है कि ईरान में जारी हिंसा में अब तक 3 हजार से ज्यादा लोगों की मौत की खबरें सामने आ रही हैं। हालांकि संचार प्रतिबंधों के कारण सटीक आंकड़ों की पुष्टि करना मुश्किल है। भारत सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और वहां मौजूद अन्य भारतीयों की सुरक्षा को लेकर भी प्रयास जारी हैं।
