25.1 C
Raipur
October 21, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

फोन पर ‘गिरफ्तारी’ का ड्रामा, वीडियो कॉल से डराया; रिटायर्ड डॉक्टर से 1.28 करोड़ की ठगी

रायपुर: साइबर अपराधियों ने एक रिटायर्ड वेटनरी डॉक्टर को निशाना बनाकर “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर 1.28 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का वरिष्ठ अधिकारी बताते हुए डॉक्टर से संपर्क किया और कहा कि उनका नाम एक बड़े आपराधिक नेटवर्क की जांच में सामने आया है। इस सूचना ने डॉक्टर को पूरी तरह घबराहट में डाल दिया।

आरोपियों ने फोन कॉल के बाद वीडियो कॉल के जरिए खुद को सरकारी दफ्तर जैसे माहौल में दिखाया, जिससे उनकी बातों पर भरोसा हो गया। उन्होंने डॉक्टर को बताया कि उनके बैंक खाते से संदिग्ध ट्रांजैक्शन हुए हैं और यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हो सकता है। ठगों ने यह भी कहा कि यदि उन्होंने जांच में सहयोग नहीं किया, तो तत्काल गिरफ्तारी की जाएगी।

डॉक्टर को “डिजिटल अरेस्ट” में होने की बात कहकर घर से बाहर न निकलने, किसी रिश्तेदार या परिचित से बात न करने और फोन लगातार ऑन रखने के निर्देश दिए गए। लगातार कॉल, धमकियों और कानूनी कार्रवाई के डर से डॉक्टर मानसिक दबाव में आ गए। इसी दबाव का फायदा उठाकर आरोपियों ने जांच और दस्तावेज सत्यापन के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने को कहा।

गिरफ्तारी से बचने और मामले को “सेटल” कराने के झांसे में डॉक्टर ने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी, एफडी और बचत से कुल 1.28 करोड़ रुपये आरोपियों द्वारा बताए गए खातों में भेज दिए। पैसे ट्रांसफर होने के बाद भी ठग लगातार नई मांगें करते रहे। कुछ समय बाद जब कॉल आना बंद हो गया और कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली, तब डॉक्टर को ठगी का अहसास हुआ।

इसके बाद परिजनों की मदद से साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और जिन खातों में पैसा ट्रांसफर हुआ है, उन्हें ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि “डिजिटल अरेस्ट” नाम की कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती और न ही कोई जांच एजेंसी फोन या वीडियो कॉल के जरिए पैसे मांगती है।

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर डरकर व्यक्तिगत जानकारी, बैंक डिटेल या पैसे ट्रांसफर न करें। खासतौर पर बुजुर्गों को इस तरह के साइबर फ्रॉड से सतर्क रहने की जरूरत है। संदिग्ध कॉल आने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

Related posts

13 साल से फरार नक्सली मुन्ना कोरवा झारखंड से गिरफ्तार

admin

आईपीएल सट्टा मामला: भाजपा नेता अस्पताल में भर्ती, वीआईपी ट्रीटमेंट पर उठे सवाल

admin

दहेज के दानव बने पति-जेठ: बहू की गला घोंटकर हत्या, फिर दिखाया आत्महत्या का ड्रामा; उम्रकैद की सज़ा

admin

Leave a Comment