रायपुर: छत्तीसगढ़ में CGMSC घोटाला लगातार बड़ा रूप लेता जा रहा है। इस मामले में डायसिस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मार्केटिंग हेड कुंजल शर्मा की गिरफ्तारी ने स्वास्थ्य विभाग की खरीदी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आर्थिक अपराध शाखा/एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB/EOW) ने आरोपी को अदालत में पेश कर 27 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर लिया है, जहां उससे लगातार पूछताछ की जा रही है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, कुंजल शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी स्वास्थ्य योजना के तहत प्रयोग होने वाले रिएजेंट और मेडिकल कंज्यूमेबल्स को वास्तविक बाजार मूल्य से करीब तीन गुना अधिक कीमत पर सप्लाई कराने में अहम भूमिका निभाई। यह सप्लाई Chhattisgarh Medical Services Corporation Limited (CGMSC) के माध्यम से की गई, जिससे राज्य सरकार को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा।
सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे मामले में टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताएं, कंपनियों के बीच कार्टेल बनाकर काम करना, और पूर्व नियोजित तरीके से महंगे दाम तय करना सामने आया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति की भूमिका नहीं है, बल्कि इसके पीछे संगठित नेटवर्क काम कर रहा था, जिसमें कई कंपनियां और बिचौलिये शामिल हो सकते हैं।
ACB/EOW अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि आखिर किस स्तर पर प्रशासनिक मिलीभगत हुई और किसके संरक्षण में यह पूरा तंत्र काम कर रहा था। जांच के दायरे में दस्तावेज़, बैंक ट्रांजैक्शन, टेंडर फाइलें और कंपनियों के आपसी लेन-देन को भी खंगाला जा रहा है।
इस गिरफ्तारी के बाद CGMSC से जुड़ी अन्य कंपनियों और अधिकारियों पर भी शिकंजा कसने की संभावना है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं और यह मामला छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े स्वास्थ्य विभागीय घोटालों में से एक के रूप में सामने आएगा।
