रायपुर शहर में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू होते ही कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में दिखाई दे रही है। अपराधियों में भय का माहौल बनाने और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए शहर के अलग-अलग जोनों में लगातार सघन अभियान चलाए जा रहे हैं। पुलिस प्रशासन की यह सक्रियता यह दर्शाती है कि अब कानून व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित नहीं, बल्कि जमीन पर प्रभावी रूप से लागू हो रही है।
मध्य जोन में विजिबल पुलिसिंग के तहत पैदल पेट्रोलिंग और संदिग्ध चेकिंग अभियान चलाया गया। यह पेट्रोलिंग जयस्तंभ चौक से प्रारंभ होकर मालवीय रोड, सदर बाजार, तात्यापारा, पुरानी बस्ती, बूढ़ेश्वर चौक, चांदनी चौक और कालीबाड़ी चौक तक की गई। अभियान में वरिष्ठ अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा, जिससे आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना और अपराधियों में भय का माहौल स्पष्ट रूप से देखने को मिला।
इस दौरान सड़क किनारे अवैध रूप से दुकान लगाने वालों को यातायात बाधित न करने की सख्त हिदायत दी गई। वहीं अड्डेबाजों, संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की गई और बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों को थाने भेजकर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई। यह अभियान केवल प्रतीकात्मक नहीं था, बल्कि जमीनी स्तर पर व्यवस्था सुधारने की एक ठोस पहल के रूप में सामने आया।
उत्तर जोन में हिस्ट्रीशीटरों और निगरानी बदमाशों की परेड आयोजित की गई। इसमें चिन्हित अपराधियों को बुलाकर उन्हें सख्त चेतावनी दी गई कि भविष्य में किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि में संलिप्त पाए जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह कदम अपराध नियंत्रण की दिशा में एक मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
वहीं पश्चिम जोन में भी सघन चेकिंग अभियान चलाया गया, जहां मोबाइल चेक प्वाइंट लगाकर वाहनों की गहन जांच की गई। कबीर नगर, टिकरापारा, संजय नगर और संतोषी नगर क्षेत्रों में गुंडा-बदमाशों और निगरानी अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
कुल मिलाकर, रायपुर में कमिश्नरी सिस्टम लागू होने के बाद पुलिस की कार्यशैली में स्पष्ट बदलाव देखने को मिल रहा है। जोनवार अभियान, पैदल पेट्रोलिंग, हिस्ट्रीशीटरों की परेड, संदिग्धों की जांच और अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई यह संकेत देती है कि शहर में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस प्रशासन अब पूरी तरह सक्रिय और प्रतिबद्ध है। यह पहल न केवल अपराध नियंत्रण में सहायक होगी, बल्कि आम जनता में सुरक्षा और विश्वास की भावना को भी मजबूत करेगी।
