रायपुर और महासमुंद पुलिस की सतर्कता से अंतरराज्यीय गांजा तस्करी का एक बड़ा नेटवर्क उजागर हुआ है। महाराष्ट्र से छत्तीसगढ़ के रास्ते गांजा की तस्करी कर रहे दो आरोपियों को रायपुर की विधानसभा थाना पुलिस ने साहसिक कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किया। आरोपी महासमुंद में पुलिस बैरियर तोड़कर भाग निकले थे और राजधानी रायपुर में पुलिस वाहन को टक्कर मारकर फरार होने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया।
दरअसल, विधानसभा थाना में पदस्थ एएसआई प्रफुल्ल परीछा को महासमुंद पुलिस से सूचना मिली थी कि एक सफेद रंग की कार (MH 46 CV 2841) महासमुंद से रायपुर की ओर आ रही है, जिसमें संदिग्ध सामान होने की आशंका है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने रिंग रोड नंबर-3 पर घेराबंदी शुरू की। मंदिर हसौद की ओर से आ रही कार को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन आरोपियों ने तेज रफ्तार में वाहन भगाते हुए डायल 112 की पुलिस गाड़ी को टक्कर मार दी।
टक्कर के बाद वाहन की गति धीमी पड़ी, जिसके बाद पुलिस टीम ने चारों ओर से घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम राकेश गुप्ता (ठाणे जिला, महाराष्ट्र) और अमित सिंह (रायगढ़, महाराष्ट्र) बताया। जब उनकी कार की तलाशी ली गई तो उसमें से 35 किलो से अधिक गांजा बरामद हुआ।
विधानसभा सीएसपी वीरेंद्र चतुर्वेदी ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपियों को गांजा सहित गिरफ्तार किया गया है और यह जांच की जा रही है कि गांजा कहां से लाया गया था और कहां सप्लाई किया जाना था। पुलिस को आशंका है कि यह मामला अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है, जिस पर गहन जांच की जा रही है।
इस कार्रवाई ने न सिर्फ तस्करों की बड़ी खेप को बाजार में पहुंचने से रोका, बल्कि यह भी साबित किया कि छत्तीसगढ़ पुलिस नशे के खिलाफ अभियान में पूरी मुस्तैदी से काम कर रही है। आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी संभव मानी जा रही है।
