छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की समय-सीमा बढ़ाने का निर्णय किसानों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आया है। राज्य सरकार ने किसानों की मांग और जमीनी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए धान खरीद की अंतिम तारीख में दो दिन का विस्तार किया है, जिसके तहत अब किसान 5 और 6 फरवरी को भी अपनी उपज बेच सकेंगे। यह फैसला उन किसानों के हित में लिया गया है जो विभिन्न प्रशासनिक, तकनीकी या व्यक्तिगत कारणों से तय समय-सीमा के भीतर धान विक्रय नहीं कर पाए थे।
धान खरीदी की तारीख बढ़ने से विशेष रूप से उन किसानों को फायदा मिलेगा जिन्होंने टोकन तो ले लिया था, लेकिन सत्यापन या अन्य औपचारिकताओं में देरी के कारण अपनी उपज नहीं बेच सके। इसके अलावा वे किसान भी इस फैसले से लाभान्वित होंगे जिनके आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद किसी कारणवश खरीद केंद्रों तक समय पर पहुंच पाना संभव नहीं हो सका। सरकार का मानना है कि यह अतिरिक्त अवसर किसानों की मेहनत का उचित मूल्य सुनिश्चित करने में सहायक होगा और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती देगा।
सरकार ने खरीद केंद्रों पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। बोरियों की उपलब्धता, कर्मचारियों की पर्याप्त तैनाती और प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया है। इस निर्णय से यह संदेश भी जाता है कि राज्य सरकार कृषि और किसानों को प्राथमिकता देते हुए परिस्थितियों के अनुरूप लचीला रुख अपनाने के लिए तैयार है। कुल मिलाकर, धान खरीदी की तारीख बढ़ाने का यह कदम किसानों के विश्वास को मजबूत करने और उनकी उपज के सुरक्षित व निष्पक्ष विक्रय की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है।
