छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इसे ‘संकल्प’ थीम पर आधारित विकास का रोडमैप बताया। अपने भाषण की शुरुआत उन्होंने भावनात्मक अंदाज़ में करते हुए कहा कि वे “छत्तीसगढ़ की माटी से तिलक लगाकर” सदन में आए हैं। इस कथन के माध्यम से उन्होंने राज्य की अस्मिता और जनता के विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया।
इस बार का बजट आकार की दृष्टि से भी ऐतिहासिक है। राज्य का बजट, जो कभी लगभग 5 हजार करोड़ रुपये से शुरू हुआ था, अब बढ़कर करीब 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसे सरकार ने प्रदेश की आर्थिक प्रगति और सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन का प्रमाण बताया। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों की विकास दिशा तय करने वाला व्यापक खाका है।
बजट की केंद्रीय अवधारणा ‘संकल्प’ है, जिसका विस्तृत अर्थ भी प्रस्तुत किया गया। ‘S’ से समावेशी विकास, ‘A’ से अधोसंरचना, ‘N’ से निवेश, ‘K’ से कुशल मानव संसाधन, ‘A’ से अंत्योदय, ‘L’ से लाइवलीहुड और ‘P’ से पॉलिसी से परिणाम तक की प्रतिबद्धता दर्शाई गई है। इस रूपरेखा के माध्यम से सरकार ने संकेत दिया कि योजनाओं का उद्देश्य केवल घोषणा तक सीमित न रहकर वास्तविक परिणाम तक पहुंचाना है।
बजट में विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के विकास पर जोर दिया गया है। सरगुजा और बस्तर ओलंपिक के आयोजन के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे युवाओं में खेल भावना और प्रतिभा को प्रोत्साहन मिलेगा। इसके अतिरिक्त, नक्सल प्रभावित और दूरस्थ क्षेत्र अबूझमाड़ में दो एजुकेशन सिटी स्थापित करने की घोषणा की गई है। इसे शिक्षा के विस्तार और क्षेत्रीय विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए प्रदेश में पहला होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की बात कही गई है। इससे वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय विद्यार्थियों को नए अवसर प्राप्त होंगे।
समग्र रूप से देखा जाए तो यह बजट आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, इंटरनेट सुविधा, परिवहन और सामाजिक योजनाओं को सशक्त बनाने की दिशा में केंद्रित नजर आता है। सरकार ने इसे प्रदेश के लगभग तीन करोड़ नागरिकों के सपनों और अपेक्षाओं को पूरा करने का प्रयास बताया है। ‘संकल्प’ के साथ प्रस्तुत यह बजट आने वाले समय में छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने की मंशा को दर्शाता है।
