तेहरान/वॉशिंगटन/तेल अवीव। मध्य-पूर्व से इस समय की सबसे बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी और इजराइली संयुक्त सैन्य कार्रवाई में ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei के मारे जाने का दावा किया गया है। ईरानी सरकारी प्रसारण में विशेष बुलेटिन जारी कर देशभर में शोक और आपात सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की घोषणा की गई है।
रिपोर्टों के अनुसार, यह हमला तेहरान के एक उच्च-सुरक्षा क्षेत्र पर केंद्रित था, जहां शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी की सूचना थी। शुरुआती जानकारी में यह भी कहा गया है कि हमले में खामेनेई के परिवार के कई सदस्य—बेटी, दामाद, बहू और एक पोती—भी हताहत हुए हैं। हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वतंत्र पुष्टि की प्रक्रिया जारी है और कई एजेंसियां स्थिति की निगरानी कर रही हैं।
हमले के तुरंत बाद राजधानी तेहरान में सैन्य गतिविधियां तेज हो गईं। प्रमुख सरकारी इमारतों, सैन्य ठिकानों और सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। ईरानी सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बयान जारी कर इसे “खुले संघर्ष की शुरुआत” बताया और कहा कि अब तक का “सबसे व्यापक और घातक जवाब” दिया जाएगा।
घटना के बाद वैश्विक बाजारों में भारी हलचल देखी गई। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया, जबकि अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई। कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए यात्रा परामर्श जारी कर मध्य-पूर्व क्षेत्र में सतर्कता बरतने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र सहित कई वैश्विक शक्तियों ने तत्काल तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान तलाशने की अपील की है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह दावा पूर्ण रूप से सत्यापित होता है, तो यह ईरान की राजनीतिक संरचना में ऐतिहासिक बदलाव साबित हो सकता है। इससे क्षेत्रीय शक्ति संतुलन बदल सकता है और व्यापक सैन्य टकराव की आशंका बढ़ सकती है।
फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें तेहरान और वॉशिंगटन की अगली आधिकारिक प्रतिक्रियाओं पर टिकी हैं। स्थिति बेहद संवेदनशील और तेजी से बदलती हुई मानी जा रही है।
