छत्तीसगढ़ में किसानों के बीच अब पारंपरिक फसलों के साथ-साथ नई और लाभकारी फसलों की ओर भी रुझान बढ़ रहा है। इन्हीं में से एक है चिया सीड की खेती, जो कम लागत और कम समय में अच्छा मुनाफा देने वाली फसल साबित हो रही है। राज्य के कई किसान अब इस फसल को अपनाकर बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं।
रायपुर के सुंदर नगर निवासी किसान रामनिवास जाट भी चिया सीड की खेती कर रहे हैं। उन्होंने मंदिर हसौद के पास करीब 15 एकड़ जमीन में चिया सीड की खेती शुरू की है। उनका कहना है कि इस फसल में प्रति एकड़ लगभग 15 से 20 हजार रुपये तक लागत आती है, जिसमें बुवाई, कटाई और परिवहन का खर्च भी शामिल है। वहीं बाजार में इसकी अच्छी मांग होने के कारण प्रति एकड़ करीब 72 हजार रुपये की आय हो जाती है। इस तरह किसानों को प्रति एकड़ लगभग 52 हजार रुपये का शुद्ध मुनाफा मिल सकता है।
चिया सीड की बाजार में मांग लगातार बढ़ रही है। यह छोटे-छोटे पैकेट में सुपरमार्केट और बड़े स्टोर्स में भी बिकता है। इसके औषधीय गुणों के कारण इसकी लोकप्रियता और भी बढ़ गई है। बताया जाता है कि चिया सीड का उपयोग मोटापा कम करने, जोड़ों के दर्द में राहत और कई आयुर्वेदिक दवाओं में किया जाता है, जिससे इसकी बाजार मांग लगातार बनी रहती है।
इस फसल की एक खासियत यह भी है कि चिया सीड को जानवर नहीं खाते, इसलिए इसकी रखवाली की ज्यादा जरूरत नहीं पड़ती। किसान बताते हैं कि एक बार बुवाई करने के बाद समय-समय पर सिंचाई करने से फसल आसानी से तैयार हो जाती है। इसकी सिंचाई आमतौर पर स्प्रिंकलर (फव्वारा) पद्धति से की जाती है और पूरी फसल में करीब चार बार पानी देना पड़ता है।
खाद और दवाइयों की जरूरत भी इस फसल में कम पड़ती है। किसान रामनिवास के अनुसार उन्होंने प्रति एकड़ केवल एक बोरी डीएपी और लगभग 5 किलो वेल्ग्रो माइकोराइजा खाद का उपयोग किया है। इसके अलावा फसल में ज्यादा बीमारी नहीं लगती, जिससे अतिरिक्त दवाइयों का खर्च भी नहीं होता।
चिया सीड की फसल लगभग 105 दिनों में तैयार हो जाती है। रामनिवास ने 25 नवंबर 2025 को इसकी बुवाई की थी और अब वे इसकी कटाई की तैयारी कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि इस बार प्रति एकड़ 4 क्विंटल से ज्यादा उत्पादन मिलेगा। मध्यप्रदेश के नीमच और मंदसौर जैसे क्षेत्रों में किसान प्रति एकड़ 6 क्विंटल तक उत्पादन ले रहे हैं।
रामनिवास का अनुमान है कि 15 एकड़ खेती से करीब 7 लाख 80 हजार रुपये तक का शुद्ध मुनाफा हो सकता है। चिया सीड की कटाई के बाद वे अगली फसल के रूप में मूंग की खेती करने की तैयारी भी कर रहे हैं, जो करीब 65 दिनों में तैयार हो जाती है। इस तरह वे एक ही जमीन से साल में दो-तीन फसल लेकर दोगुना-तिगुना लाभ कमाने की योजना बना रहे हैं।
