भाजपा प्रवक्ता अनुराग अग्रवाल ने कहा कि प्रभारी बनकर असम गए छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया है कि उन्हें काले झंडे दिखाए गए और उनके काफिले पर हमला हुआ। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं।
उन्होंने कहा भूपेश बघेल जी राजनीति के मंजे हुए खिलाड़ी हैं। असम से पहले जब वह पंजाब के प्रभारी थे, तब वहां प्रवास के दौरान कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों ने भी उन्हें काले झंडे दिखाए थे और गो बैक के नारे लगाए थे।
अनुराग जी ने यह भी बोला कि भूपेश बघेल हमले का आरोप भाजपा पर लगा रहे हैं। परंतु यह जांच का विषय है कि इसके पीछे कौन है या यह सिर्फ भूपेश बघेल का राजनीतिक स्टंट है।
अनुराग अग्रवाल ने अपने बयान में बताया कि भूपेश बघेल जी इससे पहले भी असम में दो बार रहे हैं, एक बार ऑब्जर्वर और एक बार प्रभारी के रूप में रहे हैं, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल पाई। भूपेश बघेल जी उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों के भी प्रभारी रहे हैं।
जिस प्रकार अपमानित ढंग से उन्हें पंजाब से हटाकर असम भेजा गया और वहां भी उन्हें उन्हीं परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है, जिनका सामना पंजाब में करना पड़ा था, ऐसे में यह सवाल उठता है कि कहीं अपनी राजनीतिक जगह तलाशने के लिए उन्होंने यह स्टंट तो नहीं रचाया। उन्होंने यह भी बताया जिस क्षेत्र में विधानसभा चुनाव हो रहा है, वहां पहले भी कांग्रेस नेताओं के बीच विवाद और हंगामे की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। वहां के तत्कालीन कांग्रेस सांसद ने भी अपने ऊपर हमले का आरोप लगाया था और कांग्रेस के एक विधायक पर आरोप लगाते हुए कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व से शिकायत की पर उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिससे हताश होकर सांसद कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। ऐसे में भूपेश बघेल जी द्वारा लगाए गए आरोपों की भी सभी पहलुओं से निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, की कही पंजाब के समान कांग्रेस के अंदरूनी कलह का मामला तो नहीं है
