डॉक्टर्स का कहना है कि डायबिटीज से पीड़ित लोगों या जिनके परिवार में इसका इतिहास रहा है, उन्हें नियमित रूप से ब्लड शुगर लेवल की जांच करानी चाहिए। फास्टिंग और पोस्ट-प्रांडियल (खाने के बाद) शुगर लेवल की निगरानी करना स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी ब्लड शुगर की जांच को लेकर जागरूकता अभियान शुरू किया है। इसके अंतर्गत शहरों और गांवों में मुफ्त जांच शिविर लगाए जा रहे हैं, ताकि लोग समय रहते अपने शुगर लेवल को नियंत्रित कर सकें और गंभीर स्थिति से बचें।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाई ब्लड शुगर से बचने के लिए लोगों को अपनी जीवनशैली में बदलाव करना जरूरी है। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, तनाव से दूरी और पर्याप्त नींद से डायबिटीज के खतरे को कम किया जा सकता है। साथ ही, मीठे पदार्थों का सेवन सीमित करने की सलाह भी दी जाती है।
डायबिटीज विशेषज्ञ डॉ. नीलिमा शर्मा का कहना है कि यदि किसी का फास्टिंग शुगर लेवल 100 mg/dL से अधिक और खाने के बाद 140 mg/dL से ज्यादा रहता है, तो यह खतरे का संकेत हो सकता है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर इलाज शुरू करना चाहिए।
