रायपुर. राजधानी रायपुर पुलिस ने शनिवार को नशे के बड़े जाल का पर्दाफाश किया। पुलिस ने दबिश देकर CA की पढ़ाई कर रहे छात्र समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से करीब 57 लाख रुपए की हेरोइन बरामद हुई है। चौंकाने वाली बात यह रही कि इस गैंग में एक पति-पत्नी भी सक्रिय रूप से शामिल थे, जो रायपुर में डीलिंग और सप्लाई का काम संभाल रहे थे।
कैसे हुआ पूरा ऑपरेशन ?
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रायपुर में नशे की बड़ी खेप पहुंचने वाली है। इसके बाद क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त टीम बनाकर निगरानी शुरू की।
आरोपियों को घेराबंदी करके पकड़ा गया।
तलाशी के दौरान पुलिस को 57 लाख की हेरोइन मिली।ड्रग्स को छोटे पैकेटों में बांटकर कॉलेज और शहर के युवाओं को सप्लाई करने की तैयारी थी।
आरोपी कौन हैं?
जांच में सामने आया कि इस गिरोह में अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोग जुड़े थे –
1. CA स्टूडेंट – जो पढ़ाई के साथ-साथ ड्रग्स के कारोबार में शामिल हो गया था।
2. पति-पत्नी की जोड़ी – रायपुर में रहकर नशे का नेटवर्क संभाल रहे थे।
3. तीन युवक (पंजाब के रहने वाले) – जो सीधे माल लेकर आते थे और रायपुर समेत आसपास जिलों में डिलीवरी करते थे।
पुलिस का बयान
अफसरों के मुताबिक यह गिरोह लंबे समय से रायपुर में सक्रिय था। पहले ये लोग छोटे पैमाने पर नशे का सौदा करते थे, लेकिन अब पंजाब से बड़े स्तर पर खेप लाकर तस्करी करने लगे थे। पुलिस अब इनसे जुड़े और लोगों की तलाश कर रही है। मोबाइल और बैंक डिटेल्स खंगाली जा रही हैं, ताकि फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन का पता चल सके। संभावना है कि इस नेटवर्क के तार अन्य राज्यों और शहरों तक फैले हुए हैं।
क्यों बढ़ रहा नशे का कारोबार?
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ सालों में ड्रग्स की तस्करी के केस तेजी से बढ़े हैं। खासकर कॉलेज और प्रोफेशनल कोर्स के स्टूडेंट्स इस जाल में फंस रहे हैं। हेरोइन जैसी महंगी ड्रग्स के लिए बड़े शहरों और हाई-प्रोफाइल पार्टियों में डिमांड बढ़ गई है। तस्कर पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से माल लाकर छत्तीसगढ़ और ओडिशा तक सप्लाई कर रहे हैं।
आगे की कार्रवाई
फिलहाल सभी 6 आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। जांच में सामने आए अन्य नामों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
