चंडीगढ़: चंडीगढ़ की रजिस्टरिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (RLA) ने एक बार फिर फैंसी नंबरों की नीलामी में नया रिकॉर्ड बनाया है। इस बार CH01-DA-0001 नंबर ₹36.43 लाख में बिका। इतनी रकम में करीब 3 महिंद्रा थार गाड़ियां खरीदी जा सकती हैं। यह नीलामी अब तक की सबसे बड़ी मानी जा रही है, जिसमें RLA ने ₹4.08 करोड़ की कमाई की।
सबसे महंगे बिके नंबर
नीलामी में कई नंबरों ने लाखों में बोलियां हासिल कीं। सबसे टॉप रहे ये नंबर:
0001 – ₹36.43 लाख
0003 – ₹17.84 लाख
0009 – ₹16.82 लाख
0005 – ₹16.51 लाख
0007 – ₹16.50 लाख
0002 – ₹13.80 लाख
9999 – ₹10.25 लाख
सिर्फ इन 7 नंबरों से ही ₹1.28 करोड़ जुटाए गए।
कुल नीलामी का आंकड़ा
- कुल बिके नंबर: 577
- RLA की कुल कमाई: ₹4.08 करोड़
- पिछले रिकॉर्ड से ₹70 लाख ज्यादा कमाई हुई।
पहले भी बन चुके हैं रिकॉर्ड
- मई 2025 में 0001 नंबर ₹31 लाख में बिका था।
- जनवरी 2024 में भी 0001 नंबर ₹27 लाख तक पहुंच गया था।
- पिछले 2 साल में चंडीगढ़ में फैंसी नंबरों पर ₹23 करोड़ से ज्यादा खर्च हुए।
लोग क्यों खरीदते हैं इतने महंगे नंबर?
1. स्टेटस सिंबल: करोड़ों की गाड़ियों के शौकीन अपनी पहचान अलग दिखाने के लिए।
2. लकी नंबर: अंधविश्वास और अंक ज्योतिष में विश्वास रखने वालों की बड़ी संख्या।
3. पैशन: गाड़ियों के दीवानों को लगता है कि बिना फैंसी नंबर उनकी गाड़ी अधूरी है।
4. निवेश: कुछ लोग इसे रिसेल वैल्यू और शौक दोनों के लिए खरीदते हैं।
चंडीगढ़ क्यों है फैंसी नंबर का हॉटस्पॉट?
यहां बड़े बिजनेसमैन और इंडस्ट्रियलिस्ट रहते हैं। पंजाब-हरियाणा-हिमाचल के अमीर लोग भी चंडीगढ़ से फैंसी नंबर लेते हैं। RLA की ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया पारदर्शी है, जिससे प्रतिस्पर्धा और ज्यादा बढ़ जाती है।
