राजनीतिक जगत में अक्सर नेताओं पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहता है। हाल ही में जगदलपुर में मंत्री केदार कश्यप पर लगे कथित मारपीट के आरोप ने प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। यह मामला अब सिर्फ एक कर्मचारी और मंत्री के बीच का विवाद न रहकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव का कारण बन गया है
मुख्य घटना
कुछ दिनों पहले सरकारी गेस्ट हाउस के एक कर्मचारी ने मंत्री केदार कश्यप पर मारपीट का आरोप लगाया था। कांग्रेस ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए मंत्री पर सख्त आरोप लगाए और इसे लेकर पूरे प्रदेश में प्रदर्शन शुरू कर दिया। जगदलपुर में मंत्री केदार कश्यप के गृहग्राम फरसागुड़ा स्थित कार्यालय में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर तोड़फोड़ की।
प्रदर्शन के दौरान स्थिति इतनी बिगड़ गई कि सुरक्षा बलों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। इसमें कई पुलिसकर्मी घायल भी हो गए।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
इस घटना को लेकर प्रदेश में राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। भाजपा ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं की तोड़फोड़ और गुंडागर्दी की निंदा की। भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कहा कि विपक्ष केवल उपद्रव फैलाने का काम करता है और जनता को गुमराह करता है।
