रायपुर: छत्तीसगढ़ में पुलिस व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार ने पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू करने के लिए 7 IPS अधिकारियों की ड्राफ्ट कमेटी बनाई है।
इस कमेटी के अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता होंगे। अमरेश मिश्रा और अजय यादव समेत 6 अन्य वरिष्ठ अफसर इसमें सदस्य बनाए गए हैं। यह कमेटी जल्द ही विस्तृत ड्राफ्ट तैयार करेगी, जिसके आधार पर प्रदेश के बड़े शहरों में नया सिस्टम लागू किया जाएगा।
पुलिस को क्या मिलेगी नई ताकत?
- मजिस्ट्रेट जैसी पावर – कई मामलों में कलेक्टर/एसडीएम की अनुमति की जरूरत खत्म होगी।
- गुंडा एक्ट और रासुका लगाने का अधिकार सीधे पुलिस कमिश्नर को होगा।
- अपराध और दंगों पर तुरंत कार्रवाई कर सकेंगे अफसर।
- शहरों में बढ़ते अपराध और ट्रैफिक मैनेजमेंट पर फौरन निर्णय लेने की क्षमता।
क्यों जरूरी माना गया?
- राजधानी रायपुर और दुर्ग-भिलाई जैसे शहरों में आबादी और अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं।
- मौजूदा सिस्टम में पुलिस को हर बड़े कदम के लिए मजिस्ट्रेट की मंजूरी लेनी पड़ती है।
- कमिश्नरेट मॉडल से पुलिस की जवाबदेही और कार्रवाई दोनों तेज होंगी।
आगे का रोडमैप
कमेटी अगले कुछ हफ्तों में ड्राफ्ट तैयार कर सरकार को सौंपेगी। कैबिनेट से मंजूरी के बाद पहले चरण में रायपुर और दुर्ग-भिलाई में यह सिस्टम लागू किया जा सकता है। इसके बाद जरूरत के हिसाब से दूसरे बड़े शहरों में भी इसे लागू करने की योजना है
