July 22, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

राज्य जीएसटी विभाग की बड़ी कार्रवाई: 26 फर्जी फर्मों से 822 करोड़ का ई-वे बिल घोटाला उजागर, करोड़ों की जब्ती

19 सितंबर 2025 को रायपुर से राज्य जीएसटी विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी फर्मों और ई-वे बिल घोटाले का पर्दाफाश किया। विभाग ने जीएसटी एनालिटिक्स और इंटेलिजेंस नेटवर्क तथा जीएसटी प्राइम पोर्टल का उपयोग कर उन सिंडिकेट्स की पहचान की, जो फर्जी कंपनियों और झूठे बिलों का निर्माण कर रहे थे। इस पूरे रैकेट का मास्टर माइंड फरहान सोरठिया पाया गया, जो जीएसटी के कर सलाहकार के रूप में कार्य करता था।

राज्य जीएसटी की बी.आई.यू. टीम इस मामले की जांच एक माह से कर रही थी। 12 सितंबर को फरहान सोरठिया के कार्यालय की तलाशी ली गई, जिसमें 172 फर्मों के पंजीकरण की जानकारी हाथ लगी। उसके ऑफिस से फर्जी पंजीयन दस्तावेज़, किरायानामा, सहमति पत्र, एफिडेविट और ई-वे बिल तैयार करने के उपकरण जब्त किए गए।

केवल 26 फर्जी फर्मों के माध्यम से ही 822 करोड़ रुपये के ई-वे बिल जनरेट किए गए थे, जबकि रिटर्न में मात्र 106 करोड़ रुपये का टर्नओवर दर्शाया गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, सिर्फ इन फर्मों से ही राज्य को लगभग 100 करोड़ रुपये के जीएसटी नुकसान का सामना करना पड़ा।

जांच के दौरान फरहान के चाचा अब्दुल लतीफ सोरठिया के आवास पर भी छापा मारा गया, जहां से 1 करोड़ 64 लाख रुपये नकद और 400 ग्राम सोने के बिस्किट मिले। विभाग ने इन संपत्तियों को जब्त कर आयकर विभाग को सूचना दे दी है।

जीएसटी अधिकारियों का कहना है कि इस घोटाले में कई ब्रोकर, स्क्रैप डीलर और इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने वाली कंपनियां भी शामिल थीं। इस पूरे रैकेट ने राज्य के राजस्व को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया है और अब विस्तृत जांच जारी है।

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