छत्तीसगढ़ के राजनीतिक गलियारों में आज सुबह हलचल मच गई जब राज्य के पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर को रायपुर में पुलिस ने हाउस अरेस्ट (नजरबंद) कर लिया। कंवर शुक्रवार, 3 अक्टूबर को कोरबा से रायपुर पहुंचे थे और उन्होंने टाटीबंध स्थित गहोई भवन में रात्रि विश्राम किया था। उनका आज यानी 4 अक्टूबर को मुख्यमंत्री निवास के सामने धरना देने का कार्यक्रम तय था। इस धरने के माध्यम से वे कलेक्टर कोरबा के कार्यों और कथित अनियमितताओं को उजागर करना चाहते थे।
धरने से पहले पुलिस ने संभाली मोर्चा
जैसे ही ननकीराम कंवर अपने समर्थकों के साथ भवन से निकलने की तैयारी करने लगे, पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर उन्हें रोक दिया। प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी। मौके पर एडिशनल एसपी पटेल, रायपुर एसडीएम, सिविल लाइन और आमानाका के सीएसपी सहित भारी पुलिस फोर्स तैनात रही।
मुख्यमंत्री से हुई थी बातचीत
सूत्रों के मुताबिक, 3 अक्टूबर की रात मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का फोन ननकीराम कंवर को गया था। मुख्यमंत्री ने उनसे निवेदन किया था कि वे धरना न दें, क्योंकि सरकार स्वयं इस मामले में कार्रवाई कर रही है। इस पर ननकीराम कंवर ने जवाब दिया,
“अगर आप कार्रवाई कर रहे हैं तो उसका आदेश लिखित में दीजिए। बिना लिखित आदेश के मैं किसी मौखिक बात पर विश्वास नहीं करूंगा।”
लिखित आदेश नहीं मिलने पर विरोध की तैयारी
कंवर को कोई लिखित आदेश नहीं मिला, जिसके बाद उन्होंने धरना देने का निर्णय कायम रखा। आज सुबह जैसे ही वे अपने समर्थकों के साथ निकलने वाले थे, पुलिस ने उन्हें वहीं रोक लिया और हाउस अरेस्ट कर दिया।
राजनीतिक बयानबाज़ी शुरू
ननकीराम कंवर ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र की आवाज़ दबाने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चाहती कि जनता के सामने प्रशासनिक सच्चाई आए। वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
जनता और समर्थकों में आक्रोश
कंवर के समर्थकों ने इस कदम को असंवैधानिक बताया है और कहा कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है। समर्थकों का कहना है कि वे अपने नेता के साथ खड़े रहेंगे और लोकतांत्रिक तरीके से आवाज़ उठाते रहेंगे।
