भिलाई की रहने वाली लेखिका शालिनी वर्मा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदी साहित्य को एक नई पहचान दिलाई है। उनकी पुस्तक ‘फीफा की धूम’ का लोकार्पण विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर कतर स्थित भारतीय दूतावास में आयोजित भव्य समारोह में किया गया। यह आयोजन हिंदी भाषा, भारतीय संस्कृति और साहित्य के वैश्विक विस्तार का सशक्त उदाहरण बना।
कार्यक्रम में भारत के राजदूत द्वारा पुस्तक का विमोचन किया गया। इस अवसर पर भारतीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा और भारतीय संस्कृति पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। समारोह में कतर में रह रहे प्रवासी भारतीयों, साहित्यप्रेमियों और गणमान्य अतिथियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
भिलाई की रहने वाली शालिनी वर्मा पिछले 22 वर्षों से विदेश में रहकर हिंदी लेखन, संपादन और भाषा-संवर्धन के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। वे हिंदी साहित्य के माध्यम से भारतीय संस्कृति को विश्व के विभिन्न देशों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। ‘फीफा की धूम’ उनकी इसी साहित्यिक यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है।
यह पुस्तक खेल जैसे वैश्विक विषय को हिंदी साहित्य से जोड़ते हुए यह संदेश देती है कि हिंदी भाषा अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी समान प्रभाव और गरिमा के साथ प्रस्तुत की जा सकती है।
