बिलासपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) छत्तीसगढ़ की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक है। यह मार्ग न केवल दो प्रमुख शहरों को जोड़ता है, बल्कि राज्य की आर्थिक गतिविधियों की धुरी भी है। रोजाना हजारों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन हाल के वर्षों में इस एनएच पर बने अनधिकृत और खतरनाक स्पीड ब्रेकर सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गए हैं।
सालों पहले हाई कोर्ट ने सड़क निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए थे कि एनएच और एक्सप्रेस-वे जैसी तेज रफ्तार सड़कों पर किसी भी प्रकार के स्पीड ब्रेकर नहीं बनाए जाएं, क्योंकि ये सड़कें हाई स्पीड ट्रैफिक के लिए डिज़ाइन की जाती हैं। अदालत ने यह भी कहा था कि यदि कहीं आवश्यकता हो, तो केवल इंडियन रोड कांग्रेस (IRC) के मानकों के अनुरूप ही ब्रेकर बनाए जाएं।
लेकिन इन आदेशों के बावजूद बिलासपुर-रायपुर एनएच पर कई स्थानों पर बिना मानक के ब्रेकर बना दिए गए हैं। एनएचआई की सड़क पर आधा दर्जन से अधिक जगहों पर अचानक उभरते ये ब्रेकर वाहन चालकों को नजर नहीं आते, जिससे दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। कई बार रात या बारिश के मौसम में इनकी दृश्यता कम होने से गंभीर हादसे हो रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बिना मानक बने ब्रेकर वाहनों के लिए न केवल जोखिमपूर्ण हैं, बल्कि उनकी संरचना को भी नुकसान पहुंचाते हैं। इनसे झटके लगने, ब्रेक फेल होने और यात्रियों को चोट लगने के मामले सामने आते रहते हैं।
बिलासपुर निवासी डीडी आहूजा ने वर्ष 2018 में इस समस्या को लेकर हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि राज्यभर की सड़कों पर बने अधिकांश स्पीड ब्रेकर इंडियन रोड कांग्रेस द्वारा निर्धारित मानकों का पालन नहीं करते। अदालत ने तब लोक निर्माण विभाग (PWD) और अन्य एजेंसियों को निर्देश दिया था कि सभी अनधिकृत ब्रेकर हटाए जाएं और भविष्य में किसी भी एनएच या एक्सप्रेस-वे पर बिना अनुमति ब्रेकर न बनाए जाएं।
हालांकि विभाग ने रिपोर्ट दी थी कि सभी अनधिकृत ब्रेकर हटा दिए गए हैं, लेकिन हकीकत इसके विपरीत है। बिलासपुर-रायपुर एनएच, कोटा रोड, रतनपुर-कैंदा रोड और शहर के रेलवे क्षेत्रों में आज भी खतरनाक ब्रेकर मौजूद हैं।
यातायात विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क निर्माण एजेंसियों — एनएचएआई, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम — को इंडियन रोड कांग्रेस के दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए। सड़कें जनता की सुरक्षा के लिए हैं, न कि दुर्घटनाओं के कारण बनने के लिए।
जरूरत है कि राज्य सरकार और विभाग इस पर तत्काल कार्रवाई करें, सभी गैर-मानक ब्रेकर हटाएं और सड़क सुरक्षा के नियमों को सख्ती से लागू करें ताकि लोगों की जान बचाई जा सके।
