छत्तीसगढ़ में भाजपा कार्यकर्ताओं और सहयोगी संस्थाओं की समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर राजधानी रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में ‘सहयोग केंद्र’ शुरू किया गया है। इस केंद्र का उद्देश्य कार्यकर्ताओं और संगठनों की शिकायतें सुनकर त्वरित कार्रवाई करना है।
पिछले दो दिनों में सहयोग केंद्र में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुँचे और अपनी समस्याएँ दर्ज कराईं। इन शिकायतों में प्रमुख रूप से शिक्षा व्यवस्था में अनियमितता, भूमि विवाद, भ्रष्टाचार, और विकास कार्यों में बाधा डालने जैसे गंभीर मुद्दे सामने आए हैं। कई कार्यकर्ताओं ने बताया कि ग्राम स्तर पर अधिकारी विकास कार्यों में अड़चन डाल रहे हैं, जिसके कारण जनता को सीधा नुकसान हो रहा है।
भाजपा नेता सच्चिदानंद उपासने ने जानकारी दी कि केंद्र में प्राप्त अधिकतर शिकायतें शिक्षा विभाग, जमीन विवाद और भ्रष्टाचार से संबंधित हैं। कुछ शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि कुछ मामलों में जांच के आदेश जारी किए गए हैं। संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रत्येक दिन अलग-अलग मंत्री केंद्र में मौजूद रहकर कार्यकर्ताओं की शिकायतें सुनें। सोमवार को टंकराम वर्मा, मंगलवार को स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, बुधवार को वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप, गुरुवार को तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और शुक्रवार को खाद्य मंत्री दयालदास बघेल केंद्र में कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। शिकायत पंजीयन दोपहर 1 से 2 बजे तक किया जा रहा है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, दो दिनों में ही 300 से अधिक शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिससे यह साफ झलकता है कि कार्यकर्ताओं में इस पहल को लेकर काफी उत्साह है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि शिकायतों का त्वरित निपटारा किया जाए ताकि जमीनी स्तर पर विकास कार्य सुचारु रूप से चल सकें।
सहयोग केंद्र का यह प्रयास सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है। इससे न केवल कार्यकर्ताओं की समस्याओं का समाधान हो रहा है बल्कि शासन के प्रति विश्वास भी बढ़ रहा है।
