महासमुंद में मोबाइल लूट से जुड़ा मामला अब बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन गया है। इस प्रकरण में विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा और उनके समर्थकों पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उन्होंने आंदोलनकारी किसान नेताओं से मोबाइल छीनकर वीडियो डिलीट करने की कोशिश की। यह घटना सिरपुर धरोहर बचाने के आंदोलन के दौरान हुई, जहां महिला किसानों ने अवैध निर्माण के विरोध में चूड़ी पहनकर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया था।
किसान मोर्चा के सदस्य दिनेश यादव ने आरोप लगाया कि विधायक समर्थक उनके हाथ से मोबाइल छीनने की कोशिश कर रहे थे ताकि विरोध की वीडियो न फैल सके। जब आंदोलनकारियों ने इसका विरोध किया तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसी दौरान पुलिस पर भी आरोप लगे कि वह विधायक के पक्ष में खड़ी होकर मामले को कमजोर बनाने की कोशिश कर रही है। किसान मोर्चा ने पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है।
यह विवाद उस समय और गहराया जब किसानों ने ऐलान किया कि यदि दोषियों को सख्त सजा नहीं मिली तो आंदोलन और उग्र रूप लेगा। किसान संगठनों का कहना है कि वे संविधान के दायरे में रहकर न्याय की लड़ाई लड़ेंगे। वहीं, अदालत में इस मामले की अगली सुनवाई 25 नवंबर को होनी तय हुई है।
सिरपुर धरोहर बचाने का आंदोलन पिछले साढ़े तीन साल से लगातार चल रहा है। ग्रामीणों और महिला किसानों का कहना है कि उन्होंने क्षेत्र की रक्षा के लिए विधायक पर भरोसा किया था, लेकिन अब वही उनके खिलाफ खड़े दिखाई दे रहे हैं। किसान मोर्चा ने न्यायालय के समक्ष अपनी बात रखने की पूरी तैयारी कर ली है और कहा है कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन नहीं रुकेगा
