April 17, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

रेडी टू ईट योजना का पुनर्जन्म: महिलाओं को फिर मिला अधिकार 🔸 साय सरकार ने लौटाया महिला समूहों का हक, भूपेश सरकार ने छीना था काम

रायपुर: भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में “रेडी टू ईट” योजना महिला स्व-सहायता समूहों से छीनकर निजी हाथों में दे दी गई थी। यह फैसला उस समय बड़ा विवाद बना था। अब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई वाली नई सरकार ने महिलाओं का वह अधिकार वापस लौटा दिया है। रायगढ़ से इसकी शुरुआत करते हुए 10 महिला समूहों को दोबारा जिम्मेदारी सौंप दी गई है। आने वाले समय में इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।

क्या है ‘रेडी टू ईट’ योजना?

इस योजना के तहत महिला समूह बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं के लिए रेडी टू ईट पोषण आहार तैयार करते हैं, जिसे आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाया जाता है। इससे लाखों महिलाओं को रोजगार भी मिलता रहा है।

भूपेश सरकार का फैसला क्यों था विवादित?

2022 में पिछली कांग्रेस सरकार ने महिला समूहों से यह काम छीनकर एक निजी कंपनी को दे दिया था। विरोध के स्वर उठे, विधानसभा में भी सवाल हुए। भाजपा ने इसे महिला विरोधी कदम बताया था।

साय सरकार ने किया वादा पूरा

विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने वादा किया था कि सत्ता में आने पर महिला समूहों को फिर से यह काम सौंपा जाएगा। अब रायगढ़ से इसका आगाज हो गया है। मुख्यमंत्री ने खुद योजना का शुभारंभ किया और महिला समूहों को जिम्मेदारी सौंपी।

महिला समूहों में उत्साह

काम लौटने से महिला समूहों में जबरदस्त उत्साह है। समूहों का कहना है कि इससे ना केवल रोजगार मिलेगा, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का मौका भी मिलेगा।

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