कांग्रेस पार्टी अपने संगठन को मज़बूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। पार्टी ने संगठन सृजन अभियान के तहत 50 में से 48 जिलों में नए जिला अध्यक्षों के लिए पैनल तैयार कर लिए हैं। यह प्रक्रिया पूरी तरह Rahul Gandhi के नए संगठनात्मक फॉर्मूले के तहत की जा रही है, जिसका मकसद ज़मीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ को और मजबूत करना है।
पर्यवेक्षकों द्वारा तैयार किए गए इन पैनलों को फिलहाल दिल्ली में हाईकमान को सौंपा गया है, जहाँ उनकी स्क्रूटनी यानी गहन जांच की जा रही है। राहुल गांधी की मंजूरी के बाद इन पैनलों से फाइनल नामों का चयन कर नवंबर के पहले सप्ताह में घोषणा की जाएगी। पैनल में वर्तमान जिला अध्यक्षों के अलावा कई वरिष्ठ नेता, विधायक और चुनाव लड़ चुके उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं।
राजस्थान के बारां और झालावाड़ जिलों में उपचुनाव के चलते अभी पैनल तैयार नहीं किए गए हैं। वहां उपचुनाव के बाद प्रक्रिया पूरी होगी। अधिकतर जिलों में छह-छह नेताओं के नाम शामिल किए गए हैं, जिनमें से एक को फाइनल रूप से अध्यक्ष बनाया जाएगा।
दिल्ली में Sukhjinder Singh Randhawa, Govind Singh Dotasra, Tika Ram Jully और K. C. Venugopal जैसे वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में इस मुद्दे पर गहन चर्चा चल रही है। सभी जिलों के पैनलों को अंतिम रूप देने के बाद इन्हें राहुल गांधी के पास भेजा जाएगा, ताकि शीर्ष स्तर से मुहर लग सके।
इस बार संगठन में गहलोत, पायलट और डोटासरा खेमों के समर्थक भी जोरदार दावेदारी पेश कर रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि जिला अध्यक्षों की नियुक्ति सिर्फ संगठनात्मक बदलाव नहीं बल्कि राजनीतिक संतुलन साधने का एक अहम कदम भी होगा।
इस पूरी प्रक्रिया के ज़रिए कांग्रेस का उद्देश्य आने वाले चुनावों से पहले पार्टी के ढांचे को मजबूत करना और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार करना है।
