छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के बिल्हा थाना क्षेत्र से शनिवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां मंदिर दर्शन के बाद स्नान करने गए जीजा-साले की नदी में डूबने से मौत हो गई। घटना उड़गन मंदिर के पास स्थित शिवनाथ नदी की है, जहां श्रद्धा से भरे दोनों युवक पूजा-अर्चना के बाद नहाने उतरे थे। परंतु कुछ ही मिनटों में यह श्रद्धा एक दर्दनाक हादसे में बदल गई।
जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान संतोष कुमार (35) और उनके साले अनुज कुमार के रूप में हुई है, जो बिल्हा क्षेत्र के निवासी थे। दोनों उड़गन मंदिर में दर्शन के बाद शिवनाथ नदी के तट पर पहुंचे और स्नान करने का निर्णय लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सबसे पहले संतोष नदी में उतरे। पानी की तेज धारा और गहराई का अंदाजा न लगा पाने के कारण उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गहराई में बहने लगे। यह देखकर अनुज ने अपने जीजा को बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी, लेकिन वह भी तेज बहाव में फंस गया और कुछ ही देर में दोनों दृष्टि से ओझल हो गए।
आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर बिल्हा थाना पुलिस और स्थानीय गोताखोरों की टीम पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। कई घंटों तक चले तलाशी अभियान के बावजूद दोनों का कोई सुराग देर रात तक नहीं मिल सका।
डीएसपी बिल्हा डी.आर. टंडन ने बताया कि शिवनाथ नदी में पानी का बहाव इन दिनों बेहद तेज है और गहराई अधिक होने के कारण शवों के दूर तक बह जाने की आशंका है। देर रात तक पुलिस और रेस्क्यू टीम अलर्ट मोड पर रही और नदी किनारों पर व्यापक तलाशी अभियान जारी रखा गया।
घटना की जानकारी मिलते ही मृतकों के घर में मातम पसर गया। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। यह हादसा एक बार फिर यह संदेश देता है कि श्रद्धा और भावनाओं में बहकर की गई असावधानी कभी-कभी जीवन की सबसे बड़ी गलती साबित हो सकती है।
